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अमर उजाला की पड़ताल में प्रशासन फेल, अस्पताल में ही नहीं है बीमारियों से बचने के इंतजाम

Fri, 22 Jul 2016 12:09 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Fri, 22 Jul 2016 12:09 AM IST
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Amar Ujala Live: dengue ward not have any mosquito nets or other arrangements
खुली पोल - फोटो : अमर उजाला

-डेंगू वार्ड

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सिविल अस्पताल की दूसरे मंजिल पर 16 बेड के मेडिकल वार्ड को तब्दील कर डेंगू वार्ड बनाया गया है। यहां पर डेंगू-मलेरिया के संदिग्ध सात मरीज भर्ती हैं, लेकिन इन पीड़ित व्यक्तियों से यह बीमारी दूसरों में नहीं फैले, इसके लिए कोई इंतजाम नहीं है।

न तो इन बेड पर कोई मच्छरदानी है और न ही मच्छर भगाने के लिए कोई इंतजाम किया गया है। एक निजी अस्पताल में प्रैक्टिस करने वाले डॉ. रमन शुक्ला बताते हैं कि डेंगू-मलेरिया एडीज मच्छर से फैलने वाली एक बीमारी है। एक पीड़ित व्यक्ति को एक मच्छर काटने के बाद दूसरे को काटने पर उसे भी डेंगू या मलेरिया हो जाएगा।
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आईसोलेशन वार्ड
-डेंगू पीड़ित व्यक्ति में प्लेटलेट्स कम होने या स्थिति अधिक गंभीर होने की सूरत में आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाता है। फिलहाल आईसोलेशन वार्ड में कोई मरीज नहीं है और इंतजाम भी शून्य है। यहां लगे छह बेड में से केवल चार पर मच्छरदानी है।
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जबकि आईसोलेशन वार्ड में इंसेक्ट कैचर, इंफेक्शन फ्री सुविधा होनी चाहिए। आईसोलेशन वार्ड की गाइडलाइन है कि मरीज भर्ती होने के बाद मच्छरदानी से नहीं निकल सकते हैं लेकिन यहां भर्ती मरीज मच्छरदानी खोल देते हैं। ऐसे में डेंगू के मच्छर काटने पर ये अस्पताल दूसरों को डेंगू का वायरस दे सकता है।

Amar Ujala Live: dengue ward not have any mosquito nets or other arrangements
डेंगू वार्ड - फोटो : अमर उजाला

स्वास्थ्य मंत्री ने जताई थी आपत्ति
पिछले वर्ष डेंगू के बिगड़े हालत के बाद स्थिति का जायजा लेने सिविल अस्पताल आए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा था कि आईसोलेशन वार्ड बीमारी से बचाने की जगह बीमारी बांट रहा है। उन्होंने वहां मौजूद मरीजों को डेंगू बम कहा था।

अभी ये हैं हालात
जिले में डेंगू-मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू के 35 और मलेरिया के 121 संदिग्ध मरीज आ चुके हैं। इनमें सात मरीजों में डेंगू और 41 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। जबकि निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड के मुताबिक डेंगू की संख्या 150 से अधिक है।

अस्पताल में गायनी वार्ड को ऊपर शिफ्ट करने की वजह से डेेंगू वार्ड को दूसरे तल पर शिफ्ट किया गया है। अस्थायी तौर पर मच्छरदानी लगाई गई है। जल्द ही आईसोलेशन और डेंगू वार्ड में एंटी मच्छर छिड़काव और ऑल आउट लगा दिया जाएगा।
डॉ. कांता गोयल, प्रधान चिकित्सा अधिकारी

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