{"_id":"5fcfca5f8ebc3ecfd73984d3","slug":"amar-ujala-exclusive-students-in-first-and-second-grade-will-study-mathematics-with-two-languages","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला एक्सक्लूसिव: पहली और दूसरी कक्षा में छात्र दो भाषाओं संग गणित की करेंगे पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला एक्सक्लूसिव: पहली और दूसरी कक्षा में छात्र दो भाषाओं संग गणित की करेंगे पढ़ाई
Wed, 09 Dec 2020 12:20 AM IST
Vikas Kumar
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 09 Dec 2020 12:20 AM IST
विज्ञापन
छात्र
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहली और दूसरी कक्षा के छात्र दो लैंग्वेज के साथ मैथ्मेटिक्स विषय की पढ़ाई भी करेंगे। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत तीसरी कक्षा से इंवायरमेंटल स्ट्डीज अनिवार्य विषय रहेगा। जबकि तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के छात्रों को दो लैंग्वेज के साथ-साथ मैथ्मेटिक्स, इंवायरमेंटल स्ट्डीज की पढ़ाई करनी होगी।
विज्ञापन
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली से 12वीं कक्षा में किस प्रकार के विषयों को रखा जाए, इस पर योजना तैयार हो रही है। दरअसल शैक्षणिक सत्र 2021-22 के तहत अब स्कूल बैग का वजन तय किया गया है। इसके तहत उन्हीं विषयों की किताबों से पढ़ाई होगी, जो जरूरी हैं। इसमें छात्र के किताबी ज्ञान को बढ़ाने के साथ रोचकता बढ़ाना भी शामिल है।
विज्ञापन
इसी के तहत पहली और दूसरी कक्षा के छात्र दो लैंग्वेज के साथ मैथ्मेटिक्स विषय को पढ़ेंगे। तीसरी कक्षा से इंवायरमेंटल स्ट्डीज को शामिल करने का मकसद उसे पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के प्रति बचपन से जानकारी मुहैया करवाना है।
विज्ञापन
-छठीं से 12वीं तक थ्री लैंग्वेज फार्मूला
छठीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को थ्री लैंग्वेज फार्मूला के तहत पढ़ाई करनी होगी। इसमें थ्री लैंग्वेज के साथ मैथ्मेटिक्स साइंस और सोशल साइंस विषयों को पढ़ाया जाएगा। हालांकि थ्री लैंग्वेज फार्मूला में भाषा नहीं थोपी जाएगी। इसमें राज्य अपनी मातृभाषा को शामिल कर सकते हैं।
-कंप्यूटर, नैतिक शिक्षा और सामान्य ज्ञान अनिवार्य
स्कूली शिक्षा की शुरुआत से ही विद्यार्थियों को कंप्यूटर, नैतिक शिक्षा और सामान्य ज्ञान की पढ़ाई अनिवार्य रूप से करवाई जाएगी, हालांकि यह अनिवार्य पाठयक्रम रोचकता के तहत होगा, क्योंकि इन विषयों की जानकारी छात्र को होनी जरूरी है।