मेरठ रैपिड रेल को ग्रीन लेकिन अलवर को रेड सिग्नल!
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राजधानी दिल्ली में यूपी व हरियाणा से आने वाले रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) को प्रवेश देने पर सरकार ने सहमति जताई है। जबकि राजस्थान के अलवर से कश्मीरी गेट तक प्रस्तावित कॉरिडोर को गुड़गांव बॉर्डर पर रेड सिग्नल दिखाया गया है।
दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि गुड़गांव से कश्मीरी गेट तक जहांगीरपुरी लाइन है। दिल्ली सरकार ने केन्द्र सरकार और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को अपने फैसले से अवगत करा दिया है। इस बीच में फेज-तीन की लाइन भी कुछ जगह काट रही है।
इतना ही नहीं द्वारका सेक्टर-21 तक एयरपोर्ट लाइन है जो नई दिल्ली तक आ रही है। अंतिम फैसला दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा व यूपी सरकार के अलावा एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में होना है।
आखिर सरकार ने क्या-क्या गिनाए कारण?
सूत्रों के अनुसार दिल्ली सरकार ने आरआरटीएस को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के फैसले में थोड़ा परिवर्तन किया है। शीला दीक्षित ने जुलाई, 2013 में केन्द्र सरकार व एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को दो टूक कहा था कि दिल्ली में इस हाई स्पीड रेल को अंदर नहीं आने देंगी।
मेरठ लाइन को आनंद विहार, पानीपत लाइन व अलवर लाइन को हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर रोकें। वहां मेट्रो स्टेशन से लिंक दें। दिल्ली में खुदाई के लिए जगह नहीं बची है। यहां फेज-तीन मेट्रो निर्माण में काफी खुदाई चल रही है।
इतना ही नहीं कश्मीरी गेट आने के लिए दो लाइन पहले से ही गुड़गांव से जुड़ी हैं। फेज-तीन में फरीदाबाद से सीधे कश्मीरी गेट को जोड़ने वाली लाइन भी 2016 में शुरू हो जाएगी। ऐसे में यहां भीड़ संभालना मुश्किल हो जाएगा। बस अड्डा पहले से यहां है।
दिल्ली में चारों ओर से आ रही है रैपिड मेट्रो
दिल्ली सरकार के नए फैसले के अनुसार मेरठ से दिल्ली को जोड़ने वाली हाई स्पीड लाइन को आनंद विहार के आगे सराय काले खां तक लाने और फेज-तीन के मेट्रो स्टेशन से जोड़ने पर सहमति जताई गई है।
वहीं सोनीपत-पानीपत-सोनीपत व दिल्ली के नरेला, मुकरबा चौक होते हुए कश्मीरी गेट तक आने वाली हाई स्पीड लाइन को भी कश्मीरी गेट तक लाने में सरकार को अब आपत्ति नहीं है।
हालांकि अलवर-रेवाड़ी-गुड़गांव-के रास्ते महिपालपुर, धौला कुआं, आईएनए, सराय काले खां, नई दिल्ली और कश्मीरी गेट स्टेशन तक प्रस्तावित लाइन को सरकार ने मना कर दिया है।
नई सरकार एयरपोर्ट मेट्रो लिंक पर करेगी फैसला
दिल्ली सरकार के सूत्र बताते हैं कि दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन को मेरठ से सराय काले खां, पानीपत से कश्मीरी गेट और अलवर से कश्मीरी गेट के कॉरिडोर को मेट्रो से लिंक करने की संभावना तलाशने का अध्ययन करने के लिए कहा गया था। डीएमआरसी ने रिपोर्ट दे दी है।
उसमें मेरठ लिंक को आनंद विहार व सराय काले खां लाने के अलावा पानीपत लाइन को कश्मीरी गेट तक लाने की बात कही गई है। डीएमआरसी ने अलवर लाइन को एयरपोर्ट लाइन से लिंक करने का सुझाव दिया था। उसमें कहा गया था कि अलवर लाइन को इफ्को चौक पर खत्म करके एयरपोर्ट लाइन को लिंक दें।
भविष्य में हुडा सिटी सेंटर पर इंटरचेंज बनाने का सुझाव भी दिया है लेकिन दिल्ली सरकार ने अभी एयरपोर्ट लाइन से आरआरटीएस को लिंक करने पर कोई फैसला नहीं किया है। दिल्ली सरकार ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड व आरआरटीएस की कंपनी को कहा है कि केंद्र व राज्य की नई सरकार ही इस संबंध में कोई फैसला लेगी।
आरआरटीएस प्रोजेक्ट की कुछ खास बातें
-दिल्ली को जोड़ने वाले तीन कॉरिडोर में 381 किमी निर्माण पर 72 हजार करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
-वर्तमान ट्रेंड में प्रॉपर्टी डेवलपमेंट बहुत अच्छा नहीं है इसलिए निर्माण खर्च का 12.5 फीसदी हिस्सा दिल्ली सरकार को देना होगा।
-मेरठ, सोनीपत, पानीपत, अलवर से शहर में एक घंटे से दो घंटे के बीच पहुंच जाएंगे।
-मेट्रो रेल की तर्ज पर वाजिब किराया तय करने की कंपनी के सामने रहेगी चुनौती।
-आरआरटीएस निर्माण व परिचालन को लेकर 100 करोड़ रुपये के फंड वाली कंपनी का गठन हो चुका है। इसमें दिल्ली, यूपी, -हरियाणा व राजस्थान की 12.5-12.5 फीसदी भागीदारी है।
-शहरी मंत्रालय, रेल मंत्रालय 22.5-22.5 फीसदी के साथ एनसीआर प्लानिंग बोर्ड देगी 5 फीसदी हिस्सेदारी।
कौन-कौन से हैं कॉरिडोर?
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कॉरिडोर |
लंबाई(किमी) |
2016-2041 तक यात्री |
|
दिल्ली-सोनीपत-पानीपत |
111 |
3.77 - 9.83 लाख |
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दिल्ली-गुड़गांव-अलवर |
180 |
6.90 - 15.10 लाख |
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दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ |
90 |
5.70 -11.40 लाख |
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कुल |
381 |
17. 37-36.33 लाख |