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किसानों के साथ आज डॉक्टरों का भी विरोध-प्रदर्शन, आयुर्वेद छात्रों को सर्जरी की अनुमति के खिलाफ आईएमए एकजुट
Tue, 08 Dec 2020 05:30 AM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 08 Dec 2020 05:30 AM IST
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- फोटो : ANI
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देश भर में किसानों का भारत बंद होने के साथ मंगलवार को डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन भी होने जा रहा है। आयुर्वेद छात्रों को मिली सर्जरी करने की अनुमति के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन की अपील की गई है जिसे लेकर दिल्ली में अलग अलग अस्पतालों में डॉक्टर एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर नीति आयोग द्वारा गठित समिति को रद्द करने और आयुर्वेद छात्रों को सर्जरी करने की अनुमति वापस लेने की मांग करेंगे। इसे लेकर दिल्ली एम्स सहित कई अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को पत्र लिखना शुरू कर दिया है। आगामी 11 दिसंबर को देश भर में हड़ताल होने वाली है। इससे पहले मंगलवार को सभी जिला मुख्यालयों में डॉक्टर प्रदर्शन करेंगे। काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे।
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आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते 20-20 डॉक्टरों के समूह में विरोध प्रदर्शन दोपहर 12 से दो बजे तक किया जाएगा। देश भर में 10 हजार जगहों पर एकसाथ प्रदर्शन होगा। दिल्ली की बात करें तो आईटीओ स्थित आईएमए मुख्यालय, एम्स, निर्माण भवन, जंतर मंतर और द्वारका स्थित नेशनल मेडिकल कमीशन के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इस प्रदर्शन के बाद 11 दिसंबर को सुबह से शाम 6 बजे तक हड़ताल रहेगी। हालांकि इसमें कोरोना से जुड़ी चिकित्सीय सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।
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वहीं दिल्ली एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में काउंसिल के फैसले को वापस लेने मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने की बात कही है। डॉक्टरों ने केंद्र सरकार से तत्काल आयुर्वेद छात्रों को सर्जरी करने की अनुमति देने वाली अधिसूचना को वापस लेने की मांग की है। पत्र में यह भी लिखा है कि अगर उनकी मांगों पर सरकार ने संज्ञान नहीं लिया तो आगामी दिनों में विरोध प्रदर्शन तेज किया जा सकता है।