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ग्राउंड रिपोर्ट: दो सौ गज की फैक्टरी में काम कर रहे थे सौ मजदूर, रहना खाना सोना सब यहीं
Sun, 08 Dec 2019 05:06 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Sun, 08 Dec 2019 05:06 PM IST
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आग की घटना
- फोटो : अमर उजाला
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अनाज मंडी इलाके में जिस दो सौ गज की इमारत में आग लगी उसमें करीब सौ मजदूर काम कर रहे थे। इमारत की हर एक मंजिल पर अवैध तरीके से अलग-अलग फैक्टरियां चल रही थीं। काम करने के साथ-साथ मजदूरों का रहना, खाना और सोना भी इन्हीं फैक्टरियां में होता था।
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इस इलाके में यह कोई पहली इमारत नहीं है जिसमें इस तरह की अवैध फैक्टरियां चल रही हैं। बल्कि यहां की सैकड़ों इमारतों में अवैध रूप से करीब आठ सौ फैक्टरियां चल रही हैं। एक कमरे में चलने वाली फैक्टरियां में करीब पंद्रह से बीस मजदूर काम करते हैं।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक इस इलाके के सभी इमारतों के हर मंजिल पर स्थित कमरे में फैक्टरियां चलती हैं। हर एक फैक्ट्री में 15 से 20 मजदूर काम करते हैं।
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ज्यादातर रात में होते हैं काम
लोगों के मुताबिक फैक्टरी में ज्यादातर रात में काम होता है। तड़के चार बजे तक काम करने के बाद सभी मजदूर इन्हीं फैक्टरियों में सो जाते हैं। मजदूर इन्हीं फैक्टरियों में खाना खाते हैं। रात के समय में सभी मजदूरों को इमारत के अंदर जाने के बाद उसे बाहर से बंद कर दिया जाता है। यहां तक कि छत पर जाने के रास्ते को भी बंद कर दिया जाता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां चलने वाली फैक्टरियों में नाबालिग कामगारों की संख्या भी कम नहीं है। हालांकि नाबालिग कामगार खुद को बालिग, यहां तक कि वह खुद को शादीशुदा भी बताते हैं। हाल ही में घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित एक फैक्टरी पर क्षेत्रीय एसडीएम ने छापा मारकर वहां से करीब 70 नाबालिग कामगारों को मुक्त कराया था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां चलने वाली फैक्टरियों में नाबालिग कामगारों की संख्या भी कम नहीं है। हालांकि नाबालिग कामगार खुद को बालिग, यहां तक कि वह खुद को शादीशुदा भी बताते हैं। हाल ही में घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित एक फैक्टरी पर क्षेत्रीय एसडीएम ने छापा मारकर वहां से करीब 70 नाबालिग कामगारों को मुक्त कराया था।