इलाहाबाद हाइकोर्ट का बिल्डर्स को झटका, इमारतें गिराने का आदेश
इलाहबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा की कई बड़ी कम्पनियों की इमारतों को गिराने के आदेश जारी कर बिल्डर्स को तगड़ा झटका दिया है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने अपने फैसले में पतवारी गाँव में शमशान की ज़मीन पर दो हजार स्क्वायर मीटर में बनी सुपरटेक की बिल्डिंग, इटहरा में छह हजार स्क्वायर मीटर में तालाब की ज़मीन पर बनी आम्रपाली ग्रुप की बिल्डिंग और तुगलपुर में पैंतीस हजार स्क्वायर मीटर में बने जगत तारन के प्रोजेक्ट को दो महीने में खाली कराकर गिराने के आदेश।।
जन-कल्याण समिति संस्था की पीआईएल पर जस्टिस बीके बिड़ला की बेंच ने डीएम को दो महीने में बिल्डिंग्स गिराकर ज़मीन का कब्ज़ा हटाने का आदेश जारी किया है।
जनहित याचिका दायर कर की गई थी अपील
गौरतलब है कि नोएडा एक्सटेंशन के पतवाड़ी गांव में श्मशान की जमीन भवन निर्माण कंपनी सुपरटेक बिल्डर्स को आवंटित कर देने के मामले में हाईकोर्ट ने जांच के आदेश दिए थे। डीएम को एक टीम बनाकर भौतिक सत्यापन करने के लिए कहा है।
नोएडा के टीकम सिंह ने जनहित याचिका दाखिल कर श्मशान की जमीन सुपरटेक बिल्डर्स को आवंटित करने का आरोप लगाया है।
इससे पूर्व भी इसी मामले को लेकर दाखिल की गई याचिका में प्रदेश सरकार ने बताया था ग्राम सभा के प्रस्ताव पर श्मशान को स्थानांतरित किया गया और पुराने श्मशान को ग्रीन बेल्ट घोषित कर दिया गया है।
टीकम सिंह की याचिका में कहा गया है कि श्मशान की भूमि सुपरटेक बिल्डर्स को आवंटित की गई है जिस पर निर्माण भी कराया जा रहा है।