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Delhi Coronavirus : 5 अक्तूबर तक बंद रहेंगे सभी स्कूल, सरकार ने जारी किया आदेश
Fri, 18 Sep 2020 06:43 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 18 Sep 2020 06:43 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
दिल्ली में पांच अक्तूबर तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। दिल्ली सरकार ने इसके लिए आदेश जारी किया है। इससे पहले 31 सितंबर तक स्कूल बंद रखने के आदेश थे।
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All schools will remain closed for students in Delhi till October 5, 2020. Online classes & teaching-learning activities will continue as usual: Directorate of Education, Delhi pic.twitter.com/wDpEdqkNWk
— ANI (@ANI) September 18, 2020विज्ञापन
गरीब बच्चों को सभी स्कूल उपलब्ध कराएं गैजेट और इंटरनेट पैक : हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को निजी एवं सरकारी स्कूलों को निर्देश दिया कि वे गरीब बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं के लिए उपकरण जैसे मोबाइल आदि और इंटरनेट पैकेज मुहैया कराएं।
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अदालत ने कहा कि ऐसी सुविधाओं की कमी से बच्चों को मूलभूत शिक्षा प्राप्त करने में परेशानी होती है। जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संजीव नरुला की पीठ ने कहा कि गैर वित्तपोषित निजी स्कूल, शिक्षा के अधिकार कानून-2009 के तहत उपकरण और इंटरनेट पैकेज खरीदने पर आई जो भी उचित लागत हो उसकी प्रतिपूर्ति (रिम्बर्समेंट) सरकार से प्राप्त करने के योग्य हैं, भले ही राज्य यह सुविधा उसके छात्रों को मुहैया नहीं कराती है।
पीठ ने गरीब और वंचित विद्यार्थियों की पहचान करने और उपकरणों की आपूर्ति करने की सुचारु प्रक्रिया के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है। समिति में केंद्र के शिक्षा सचिव या उनके प्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव या प्रतिनिधि और निजी स्कूलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
अदालत ने यह भी कहा कि समिति गरीब और वंचित विद्यार्थियों को दिए जाने वाले उपकरण और इंटरनेट पैकेज के मानक की पहचान करने के लिए मानक परिचालन प्रकिया (एसओपी) भी बनाएगी।
पीठ ने कहा कि इससे सभी गरीब और वंचित विद्यार्थियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण और इंटरनेट पैकेज में एकरूपता सुनिश्चित हो सकेगी। यह फैसला अदालत ने गैर सरकारी संगठन ‘जस्टिस फॉर ऑल’ की जनहित याचिका पर सुनाया।
संगठन ने अधिवक्ता खगेश झा के जरिए दाखिल याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को गरीब बच्चों को मोबाइल फोन, लैपटॉप या टैबलेट मुहैया कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया था ताकि वे भी कोविड-19 लॉकडॉउन की वजह से चल रही ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ ले सकें।