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सभी रेजीडेंट डॉक्टरों को मिलेगा मातृत्व अवकाश
Tue, 19 Mar 2019 12:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 19 Mar 2019 12:52 AM IST
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दिल्ली महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद राजधानी के सभी रेजीडेंट डॉक्टरों को मातृत्व अवकाश का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी रूप से तैनात महिला डॉक्टरों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है।
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दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) के पत्र पर आयोग ने कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग से मातृत्व अवकाश देने की मांग की थी। अब तक नियमित डॉक्टरों को ही 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिलता था। एड-हॉक रेजिडेंट डॉक्टर को केवल 84 दिन का मातृत्व अवकाश मिलता था।
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कई मामलों में डॉक्टरों को यह अवकाश भी नहीं मिलता। डीएमए ने इसे अमानवीय करार करते हुए आयोग से हस्तक्षेप की मांग की थी। मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के द्वारा मातृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दी गई है, जबकि 1961 के कानून में 12 सप्ताह थी। आयोग की ओर से स्वास्थ्य विभाग को नोटिस भेजने के बाद इस पर फैसला हुआ।
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स्वास्थ्य विभाग ने आयोग को बताया कि वे मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत दिशा-निर्देश बना रहे हैं, जिन्हें जल्द ही राजधानी के अस्पतालों में जारी किया जाएगा। इसमें अस्थायी रेजीडेंट डॉक्टरों को 26 सप्ताह का अवकाश मिलेगा। साथ ही, गर्भपात होने की दशा में 6 सप्ताह का अवकाश मिलेगा।
जिन डॉक्टरों ने प्रसव की अपेक्षित तिथि से पहले 12 महीनों में 160 दिन कार्य किया है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। फिर चाहे वे नियमित हों या अनियमित। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने बताया कि आयोग ने 160 दिन की जगह 80 दिन कार्यअवधि करने की मांग की थी। विभाग ने भूल सुधार पत्र जारी करते हुए मांग को स्वीकार कर लिया है।