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अलीगढ़ रूट के यात्रियों को बड़ी राहत, अब हर आधे घंटे में मिलेगी बस
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 23 Jun 2016 01:36 AM IST
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रोडवेज बस
- फोटो : file photo
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बल्लभगढ़ से अलीगढ़ रूट पर जाने वाले बस यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। हरियाणा रोडवेज जल्द ही इस रूट पर 10 और नई बसें चलाएगा। यूपी प्रशासन की तरफ से भी बसों को चलाने की मंजूरी मिल चुकी है।
अभी तक इस रूट पर 14 बसों का संचालन किया जा रहा है। इससे हजारों यात्रियों का सफर आसान होगा। हरियाणा रोडवेज महाप्रबंधक रीगन कुमार का कहना है कि सुनिश्चित किया जाएगा कि हर आधे घंटे में अलीगढ़ के लिए बस चले।
हरियाणा रोडवेज और उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों को 1985 में बल्लभगढ़ से अलीगढ़ तक चलाने के लिए परमिट दिए गए थे। परमिट के आधार पर बल्लभगढ़ से अलीगढ़ जाने के लिए फरीदाबाद रोडवेज की 14 बसों को परमिट दिए गए थे, तब से लेकर अब तक 14 बसें ही चल रही हैं, जबकि इस दौरान अलीगढ़ जाने आने वाली सवारियों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। बावजूद इसके बसों की संख्या नहीं बढ़ाए गई। इसकी तरफ दोनों राज्यों के अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया।
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डग्गामार वाहनों में सफर मजबूरी
बसों की कमी के चलते अलीगढ़ जाने वाले यात्रियों को बस स्टैंड पर खड़े रहना पड़ता है। गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिए कई बार यात्री जान जोखिम में डालकर डग्गामार वाहनों में यात्रा करते हैं। सूत्रों की मानें तो इस रूट पर डग्गामार वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जोकि यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं।
विवाद ने बढ़ाई बसें
यहां बता दें अस्थायी परमिट के कारण फरवरी में हुए एक विवाद ने हरियाणा रोडवेज को अपनी गलती का अहसास कराया। बल्लभगढ़ से अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) के लिए दोनों राज्यों का 1985 में 14-14 बसें चलाने के लिए अस्थायी परमिट का समझौता हुआ था।
11 फरवरी को अलीगढ़ में वहां के क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण के सचिव ने फरीदाबाद रोडवेज की तीन बसों को बंद कर दिया। बार-बार बातचीत करने के बाद भी उन्होंने बस नहीं छोड़ी।
इसके बाद फरीदाबाद में भी उत्तर प्रदेश की बसों को रोक लिया गया। मामला बढ़ता देख दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई और बसों को न रोकने पर सहमति बन गई।
साथ ही रोडवेज ने 24 स्थायी बसों का परमिट भी ले लिया। हालांकि अभी रूट पर 14 बसें चलाई जाती हैं। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रोडवेज प्रबंधन ने अब बाकी बसों को भी रूट पर उतारने का निर्णय लिया है।
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अभी तक इस रूट पर 14 बसों का संचालन किया जा रहा है। इससे हजारों यात्रियों का सफर आसान होगा। हरियाणा रोडवेज महाप्रबंधक रीगन कुमार का कहना है कि सुनिश्चित किया जाएगा कि हर आधे घंटे में अलीगढ़ के लिए बस चले।
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हरियाणा रोडवेज और उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों को 1985 में बल्लभगढ़ से अलीगढ़ तक चलाने के लिए परमिट दिए गए थे। परमिट के आधार पर बल्लभगढ़ से अलीगढ़ जाने के लिए फरीदाबाद रोडवेज की 14 बसों को परमिट दिए गए थे, तब से लेकर अब तक 14 बसें ही चल रही हैं, जबकि इस दौरान अलीगढ़ जाने आने वाली सवारियों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। बावजूद इसके बसों की संख्या नहीं बढ़ाए गई। इसकी तरफ दोनों राज्यों के अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया।
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डग्गामार वाहनों में सफर मजबूरी
बसों की कमी के चलते अलीगढ़ जाने वाले यात्रियों को बस स्टैंड पर खड़े रहना पड़ता है। गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिए कई बार यात्री जान जोखिम में डालकर डग्गामार वाहनों में यात्रा करते हैं। सूत्रों की मानें तो इस रूट पर डग्गामार वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जोकि यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं।
विवाद ने बढ़ाई बसें
यहां बता दें अस्थायी परमिट के कारण फरवरी में हुए एक विवाद ने हरियाणा रोडवेज को अपनी गलती का अहसास कराया। बल्लभगढ़ से अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) के लिए दोनों राज्यों का 1985 में 14-14 बसें चलाने के लिए अस्थायी परमिट का समझौता हुआ था।
11 फरवरी को अलीगढ़ में वहां के क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण के सचिव ने फरीदाबाद रोडवेज की तीन बसों को बंद कर दिया। बार-बार बातचीत करने के बाद भी उन्होंने बस नहीं छोड़ी।
इसके बाद फरीदाबाद में भी उत्तर प्रदेश की बसों को रोक लिया गया। मामला बढ़ता देख दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई और बसों को न रोकने पर सहमति बन गई।
साथ ही रोडवेज ने 24 स्थायी बसों का परमिट भी ले लिया। हालांकि अभी रूट पर 14 बसें चलाई जाती हैं। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रोडवेज प्रबंधन ने अब बाकी बसों को भी रूट पर उतारने का निर्णय लिया है।