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Alert : दूसरी बार डेंगू का वार होगा खतरनाक, दिल्ली में अगले महीने मामले बढ़ने की आशंका

Wed, 10 Jul 2024 05:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा राकेश शर्मा, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 10 Jul 2024 05:04 AM IST
सार

दूसरी बार मरीज के गंभीर होने की आशंका ज्यादा रहती है। मानसून सीजन में दिल्ली के अस्पतालों में डेंगू के लक्षणों के साथ मरीज पहुंचने लगे हैं।

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Alert: Dengue attack will be dangerous for the second time
डेंगू

विस्तार

डेंगू के एक स्ट्रेन की चपेट में आकर ठीक होने के बाद दूसरा स्ट्रेन भी वार कर सकता है। दूसरी बार मरीज के गंभीर होने की आशंका ज्यादा रहती है। मानसून सीजन में दिल्ली के अस्पतालों में डेंगू के लक्षणों के साथ मरीज पहुंचने लगे हैं। हालांकि अभी आ रहे मरीजों के लक्षण हल्के हैं, लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि मौसम में बदलाव के कारण इस बार बारिश की आशंका ज्यादा है। यदि बारिश ज्यादा हुई तो जलभराव की घटनाएं भी बढ़ेंगी। ऐसा होने पर डेंगू के मामले भी बढ़ सकते हैं।

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डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू भी एक वायरल बुखार है। इसमें मरीज डेंगू वायरस सरोटाइप-1, 2, 3 और 4 के स्ट्रेन से पीड़ित हो सकता है। यह चारों वायरस के सरोटाइप्स हैं। इसमें हर एक का अपना विशिष्ट गुणसूत्र होता है। यदि मरीज इनमें से किसी एक स्ट्रेन से पीड़ित होता है तो उक्त स्ट्रेेन के खिलाफ एंटीबॉडी बन जाती है, लेकिन दूसरे स्ट्रेन से पीड़ित होने की आशंका बनी रहती है। एम्स के माइक्रोबायोलॉजी की पूर्व डॉ. मनाली अग्रवाल ने कहा कि दूसरे स्ट्रेन (सीरोटाइप) से संक्रमण होने पर गंभीर लक्षण हो सकते हैं। इसे एंटीबॉडी डिपेंडेंट एन्हांसमेंट के नाम से जाना जाता है।
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जीनोम सीक्वेंसिंग से पकड़ में आएगा स्ट्रेन
दिल्ली में डेंगू के मामलों के बढ़ने के पीछे स्ट्रेन की पकड़ के लिए सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी। डॉक्टरों का कहना है कि नवंबर तक दिल्ली में डेंगू के मामले सामने आते हैं। मौजूदा समय में कुछ इलाकों से डेंगू के लक्षण के मरीज आ रहे हैं। बारिश का दौर खत्म होने के बाद इनमें तेजी आने की आशंका रहती है। ऐसे में दिल्ली के अस्पतालों में इलाज करवाने आ रहे मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग से तेजी से फैलने वाले स्ट्रेन की पकड़ आसान होगी। इस साल दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने बीमारियों की रोकथाम के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाने वाले नमूनों की संख्या को भी बढ़ाने का फैसला लिया है।
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अस्पताल पहुंच रहे मरीज
जीटीबी अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमितेश अग्रवाल ने कहा कि मौसम बदलने के साथ वायरल इंफेक्शन के साथ मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। कुछ मरीज प्लेटलेट काउंट कम होने के कारण भी आए हैं। ऐसे मरीजों की डेंगू एंटीजन टेस्ट (एनएस वन) के अलावा एंडीबॉडी की जांच की जा रही है। मौजूदा समय में आने वाले मरीजों में लक्षण कम हैं। हालांकि जांच बढ़ा दी गई हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मामले तेजी से बढ़ सकते हैं।


बुखार न उतरे तीन दिन, तो हो जाएं सतर्क
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यदि तीन दिन के बाद भी बुखार न उतरे और गंभीर लक्षण दिखे तो तुरंत जांच करवानी चाहिए। ऐसे मरीजों में डेंगू होने की आशंका रहती है। हालांकि कुछ मरीज में डेंगू के खिलाफ एंटीबॉडी होने के कारण बिना लक्षण आए ही रोग ठीक हो जाता है।

ऐसे मरीज होते हैं गंभीर

  • पेट में दर्द
  • उल्टी होना
  • पित की सूजन
  •  छाती या पेट में पानी भरना
  • बीपी गिरना
  • बहुत अधिक कमजोरी होना


डेंगू से बचाव

  • मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करें
  • मच्छरदानी का उपयोग करें
  • अपने निवास स्थान के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें

 

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