फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Alcohol and cigarette rings are piercing women's protective shield

Delhi NCR News: शराब और सिगरेट के छल्ले भेद रहे महिलाओं का सुरक्षा कवच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Mar 2024 06:06 PM IST
विज्ञापन
नए ट्रेंड के बाद 28 की उम्र में ही दिल की रोगी बन रहीं महिलाएं
विज्ञापन

अभी तक 45 या उसके बाद दिखती थी समस्याएं,
महिलाओं को माहवारी देती है सुरक्षा, कई रोग नहीं हो पाते गंभीर
राकेश शर्मा
नई दिल्ली। तेजी से बढ़ती धूम्रपान करने की आदत, शराब पीने की लत महिलाओं के सुरक्षा कवच को भेद रहा है। माहवारी बंद होने तक महिलाओं को दिल सहित दूसरे रोग होने की आशंका कम रहती थी, लेकिन रोग के बदले ट्रेंड ने विशेषज्ञों को परेशान कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि पहले महिलाओं को 45 साल या उसके बाद ही सतर्क होने की चेतावनी दी जाती थी, लेकिन मौजूदा स्थिति में 28 साल की महिला में भी दिल के रोग दिख रहे हैं। हालांकि, इन मरीजों की संख्या काफी कम है, लेकिन यह चिंता का विषय है।
महिलाओं के लिए माहवारी एक सुरक्षा कवच के तौर पर काम करती है। इसके जारी रहने तक कई तरह की समस्याएं होने की आशंका काफी कम रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में बदल रहे ट्रेड आने वाले दिनों में समस्या को और गंभीर करेंगे। इसे देखते हुए महिलाओं के लिए अलग ने इलाज नीति तैयार करनी होगी। इसे लेकर डॉक्टरों के सुझाव जुटाए जा रहे हैं। इन सभी सुझाव के आधार पर नई गाइडलाइन तैयार की जाएगी। इसमें पुरुषों और महिलाओं के इलाज को लेकर अलग-अलग नीति होगी। इन अलग नीति की मदद से इलाज को प्रभावी व सटीक बनाया जा सकेगा। साथ ही महिलाओं में होने वाली किसी भी प्रकार की समस्या को समय से पहले पकड़ा जा सकेगा।
विज्ञापन


बॉक्स
सफदरजंग में हुई बैठक
महिलाओं में बदले ट्रेंड को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल के जैव रसायन विभाग ने महिलाओं में कार्डियो मेटाबोलिक स्वास्थ्य पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) का आयोजन किया। इसमें वर्धमान मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीतिका खन्ना, डॉ. पीएस भाटिया, डॉ. जे मणि, डॉ. वी चक्रवर्ती ने महिलाओं में होने वाले रोग पर चर्चा की। इसमें दिल्ली एनसीआर के विभिन्न संस्थानों के 80 से अधिक डॉक्टर आए और उन्होंने नई समस्या को रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स
पुरुषों की तरह महिलाओं में बढ़ा तनाव

बैठक के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि बदलते दौर में पुरुषों की तरह महिलाएं भी कामकाजी बन रही हैं। इन महिलाओं में तनाव का स्तर काफी बढ़ा है। इसके अलावा चिंता, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान करने की आदत, शराब पीने की लत बढ़ी है। जिसने महिलाओं में मेटाबॉलिक सिंड्रोम को बढ़ा दिया है। इनके कारण कम उम्र की युवतियों में भी कई ऐसे रोग देखने को मिल रहे हैं जो पहले मेनोपॉज के बाद मिलते थे।


बॉक्स
मेनोपॉज के बाद दोगुने जोखिम पर होती है महिलाएं
विशेषज्ञों का कहना है कि मेनोपॉज के बाद महिलाएं पुरुषों के मुकाबले दोगुने जोखिम पर रहती है। इनमें हार्मोन प्रोफाइल तेजी से बदलता है। ऐसे में जिन महिलाओं में मोटापा, मधुमेह, बीपी सहित दूसरी समस्याएं होती हैं। वह तेजी से दिल की रोगी बनती है। डॉक्टरों की माने तो महिलाओं को एक उम्र के बाद नियमित जांच करवानी चाहिए।

बॉक्स
इन से बचे युवती
- शराब पीना
- धूम्रपान करना
- चिंता, तनाव
- बीपी की जांच
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed