Delhi: अलकायदा के बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश, अब तक 14 संदिग्ध हिरासत में; मदरसा चालक डॉक्टर है मास्टरमाइंड
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मॉड्यूल के ज्यादातर युवा आतंकवाद की ट्रेनिंग ले चुके हैं। ये हथियार बनाने व चलाने की ट्रेनिंग ले चुके हैं। मगर ये आतंकी वारदातों की खतरनाक ट्रेनिंग लेने के लिए अलकायदा के कैंप में जाना चाहते थे।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खूंखार आतंकी संगठन अलकायदा से प्रेरित जिस आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है उसके मंसूबे बहुत ही ज्यादा दिल दहला देने वाले थे। इस मॉड्यूल के ज्यादातर युवा खतरनाक आतंकी ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान व अन्य देशों में अलकायदा कैंप में जाने की फिराक में थे। कुछ युवाओं का तो पासपोर्ट भी बन चुका है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों की माने तो शुरूआती जांच में ये बात सामने आई है कि इस मॉड्यूल में 25 से 30 युवक हैं और सभी युवक आतंकी वारदातों की यहीं ट्रेनिंग ले चुके हैं। इस मॉड्यूल के कुछ कथित आतंकी दिल्ली में रैकी कर चुके हैं। अब तक 14 संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है।
Fourteen suspects detained, related to Al Qaeda Module. Suspects were from different states, whose head Dr. Ishtiyaq was a Jharkhand-based doctor. Interrogations are currently underway at various locations and additional arrests are anticipated. Recoveries of arms, ammunition,…
— ANI (@ANI) August 22, 2024विज्ञापन
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मॉड्यूल मे कथित आतंकियोँ को पकड़ने के लिए दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में संबंधित राज्यों की पुलिस टीम के साथ सर्च ऑपरेशन चला रही है। स्पेशल सेल के 130 से 150 पुलिस अफसर व जवान पूरे देश में सोमवार देर रात तक ताबड़तोड़ दबिश देने में लगे हुए थे। अफसरों की माने तो मॉड्यूल के कुछ और युवाओं को जल्दी ही पकड़े जाने की पूरी संभावना है। स्पेशल सेल की पुलिस उपायुक्त प्रतिक्षा गोदारा अन्य अफसरों के साथ लोधी कॉलोनी स्थित कार्यालय में बैठकर पूरे देश में चल रहे सर्च ऑपरेशन को कंट्रोल कर रही हैं।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मॉड्यूल के ज्यादातर युवा आतंकवाद की ट्रेनिंग ले चुके हैं। ये हथियार बनाने व चलाने की ट्रेनिंग ले चुके हैं। मगर ये आतंकी वारदातों की खतरनाक ट्रेनिंग लेने के लिए अलकायदा के कैंप में जाना चाहते थे। अभी युवाओं को कैंप में भेजने की तैयारी चल रही थी। युवाओं के पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। कुछ युवाओं के पासपोर्ट भी बनवाने जा चुके हैं। पुलिस अधकारियों का कहना है कि जब भी इनको मौका मिल जाता ये अलकायदा कैंप में चले जाते। ज्यादातर युवक अलकायदा में ही वहीं रहना चाहते थे।
मदरसा चलाकर डॉक्टर इश्तियाक ने खड़ा किया है मॉड्यूल
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इश्तियाक पेशे से डॉक्टर है। वह रांची में एक मदरसा भी चलाता था। इस मदरसे में वह युवाओं को गुमराह कर आतंक राह भी मोड़ने में लगा हुआ था। शुरूआत में मॉड्यूल कुछ युवा इस मदरसे में शिक्षा लेने आए थे। इस युवाओं के चलते डॉक्टर इश्तियाक अन्य युवाओं तक पहुंचा। डॉक्टर ने मदरसे में इस युवाओं को धर्म के नाम पर गुमराह किया और उसने युवाओं को आतंक की राह पर धकेलकर मॉड्यूल खड़ा कर लिया। इस पूरे मॉड्यूल में 25 से 30 युवाओं की पहचान हो चुकी है।
मॉड्यूल के ज्यादातर युवा रांची के हैं
अलकायदा से जुड़े पूरे इस आतंकी मॉड्यूल के गिरफ्तार/हिरासत और जुड़े हुए ज्यादातर युवा रांची के रहने वाले हैं। इस कारण व मॉड्यूल सरगना के संपर्क में जल्दी आ गए। गिरफ्तार आरोपी युवाओं में कोई ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। इनमें से कोई दुकान चलाता है और कोई छोटी-मोटी नौकरी करता है।
दिल्ली में रैकी कर चुके हैं
गिरफ्तार युवाओं में से ज्यादातर को दिल्ली से पकड़ा गया है। ये युवा दिल्ली में कुछ महत्वपूर्ण जगहों की रैकी भी कर चुके हैं। हालांकि युवा राजस्थानी के भिवानी में आतंकी वारदातों की ट्रेनिंग ले रहे थे। ज्यादातर आरोपी युवाओं ने यहीं आतंकी ट्रेनिंग ली है।
अलकायदा आकाओं के संपर्क में था
बताया जा रहा है कि मॉड्यूल सरगना डाक्टर इश्तियाक काफी पहले से अलकायदा से प्रभावित था। वह अलकायदा के कुछ आकाओं के संपर्क में था। बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले वह एक अलकायदा के आतंकी संपर्क में आया था। इसके बाद वह आतंक की राह पर चल पड़ा। उसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को गुमराह कर आतंकी बनाना था, ताकि देश में बड़े पैमाने पर तबाही फैला सके।