'हरी झंडी दिखाइए, मिनटों में बनेगी सरकार'
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वहीं, सरकार बनाने की आपाधापी में प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी बनाने की कवायद भी पीछे छूटती जा रही है। इसके चलते पार्टी कार्यकर्ता भी हैरान हैं।
प्रदेश का नेतृत्व बदले हुए पंद्रह दिन होने को है, लेकिन अभी तक कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका है। दरअसल जबसे प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय की नाम की घोषणा हुई है तभी से दिल्ली में सरकार बनाने की चर्चा गर्म हो गई है।
इसके चलते प्रदेश कार्यकारिणी की टीम भी नहीं चयनित हो पा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नई टीम नहीं बनने के कारण कई ऐसी गतिविधियां हैं जो फिलहाल नहीं हो पा रही हैं।
युवा टीम के चक्कर में किनारे होंगे 'बुजुर्ग'
पूर्व प्रदेश अध्यक्षों की टीम में शामिल लोगों को यह डर सता रहा है कि कहीं उन्हें नई टीम का हिस्सा नहीं बनाया जाए तो उनके स्तर पर शुरू की गई गतिविधि बीच में ही रोकनी पड़ेगी।
नई कार्यकारिणी के गठन पर प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों से लगातार चर्चा हो रही है। टीम के गठन में कम से कम एक महीना का वक्त लग जाएगा।
उन्होंने संकेत दिया है कि उनकी टीम में युवा नेताओं को तरजीह दी जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर दिया जाएगा।
क्या होगा अकाली दल का दांव?
दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर असमंजस की स्थिति से भाजपा अभी भी नहीं उबर पाई है। शिरोमणी अकाली दल बादल गुट के उस फॉर्मूले पर भी अभी तक मोहर नहीं लगी है जिसमें यह कहा जा रहा था कि अन्य राजनीतिक पार्टियों से टूटने वाले विधायकों को शामिल कर सरकार बनाने का मैजिक आंकड़ा जुटा लिया जाएगा।
लिहाजा दिल्ली में सरकार बनेगी या नहीं इसे लेकर स्थिति सोमवार को भी साफ नहीं हो सकी। हालांकि अब दिल्ली के उपराज्यपाल की तरफ सभी की निगाहें टिकी है कि उनके कार्यालय से किस तरह का आदेश आता है।
बादल की हरी झंडी के बिना कुछ नहीं
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष व शिरोमणी अकाली दल बादल गुट दिल्ली के प्रधान मनजीत सिंह जीके ने कहा कि अभी तक इस मामले में किसी विधायक ने संपर्क नहीं किया है। ना ही भाजपा की तरफ से ही इस तरह के कोई संकेत मिले है।
'अमर उजाला' ने जब उनसे यह पूछा कि अगर अन्य राजनीतिक पार्टियों के विधायक अकाली दल में शामिल होने के लिए पहल करते है तो क्या उन्हें शामिल कर लिया जाएगा। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के प्रस्ताव आता है तो पार्टी के आलाकमान से बातचीत की जाएगी।
यानी पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हरी झंडी मिलने के बाद ही सरकार बनाने के लिए समर्थन लिया जाएगा।
अकाली दल ने पेश किया नया फॉर्मूला
उन्होंने कहा कि अकाली दल के कार्यकर्ता अभी से ही चुनाव की तैयारी में है। जबकि पार्टी के एक विधायक इसमें बड़ी भूमिका भी निभा रहे है। उनका कहना है कि भाजपा अगर सरकार बनाने की हरी झंडी देती है तो आंकड़ा जुटाना बेहद ही आसान है।
बता दें कि दिल्ली में सरकार बनाने के लिए यह फॉर्मूला भी भाजपा आलाकमान के सामने पेश किया गया है कि कांग्रेस से टूटने वाले विधायक को सीधे भाजपा में शामिल नहीं कराकर अकाली दल में शामिल करा दिया जाएगा। फिर उनका समर्थन लेकर दिल्ली में सरकार बना ली जाएगी।