जेएनयू में चारों सीटों पर AISA का कब्जा
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डीयू में शनिवार को डूसू इलेक्शन के परिणाम घोषित होने के बाद रविवार को जेएनयू के छात्रसंघ चुनाव के रिजल्ट आ गए, जिसमें एआईएसए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चारों पदों पर कब्जा कर लिया।
डीयू में एबीवीपी की जीत के बाद ये कयास लगाए जा रहे थे कि शायद यहां भी एबीवीपी कुछ सीटें कब्जाने में कामयाब हो पर एआईएसए सभी कयासों को गलत साबित करते हुए अपने गढ़ में किसी को घुसने नहीं दिया।
हालांकि काउंटिंग के दौरान अंतिम समय तक एबीवीपी आगे चल रही थी और ऐसा लग रहा था कि यहां कम से कम दो सीटें एबीवीपी ले जाएगी पर ऐसा नहीं हुआ और एआईएसए ने अपने दुर्ग में बादशाहत कायम रखी।
ABVP का 18 साल पुराना सपना नहीं हुआ पूरा
प्रे़सीडेंट पद पर काबिज होने वाले आशुतोष कुमार को कुल 1386 वोट पड़े जबकि
उनके प्रतिद्वंदी एबीवीपी के सौरभ कुमार को 944 वोट ही मिले।
जेएनयू में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद के लिए कुल 4640 वोट पड़े, जिसमें से एआईएसए के विजयी प्रत्याशी शफकत हुसैन बट को 1209 वोट, एआईएफ के मुलायम सिंह 969 वोट और एबीवीपी के गोपाल लाल मीना को 859 वोट पड़े।
जनरल सेक्रेटरी पद के लिए भी कुल 4640 वोट पड़े जिसमें से एआईएसए की विजयी प्रत्याशी चिंटू कुमारी 1605 वोट और एबीवीपी के आशीष कुमार कुल 791 वोट मिले।
वहीं वाइस प्रेसीडेंट का पद भी एएसआईए के अनंत प्रकाश ने कब्जाया जिन्हें कुल 1366 वोट मिले वहीं एबीवीपी के जहीदुल दीवान को 756 वोट ही मिले।
इस तरह जेएनयू के छात्रसंघ चुनाव की घोषणा होने के बाद एबीवीपी का 18 साल पुराना सपना अधूरा ही रह गया। जेएनयू में एबीवीपी आखिरी बार 1997 में जीती थी तब से अब तक वह एक बार भी नहीं जीती है।
शनिवार को डीयू में एबीवीपी जीत के बाद लोग इसे मोदी लहर का नाम दे रहे थे, पर मोदी की लहर उसे जेएनयू में 18 साल बाद भी जीत न दिला सकी।