Delhi Mock Drill: दिल्ली में बजा मॉक ड्रिल का सायरन, लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
दिल्ली के आईटीओ स्थित पीडब्ल्यूडी भवन में एक सायरन बजाकर इसका परीक्षण किया गया। इसकी तीव्रता आठ किलोमीटर के लगभग पाई गई है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रेड अलर्ट सायरन लगाकर सरकार उचित तीव्रता में खतरे का संदेश पहुंचाना चाहती है।
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भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान नागरिक ठिकानों पर भी हमले कर रहा है। इसमें दो छात्रों सहित कई नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। पाकिस्तान की इस हरकत को देखते हुए सीमा पार से लगे इलाकों में कई बाजारों-स्कूलों को समय से पहले बंद करने का निर्णय किया गया है। पाकिस्तान की हरकतों को देखते हुए राजधानी दिल्ली में भी हवाई सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और प्रमुख रेलवे स्टेशनों के साथ-साथ नागरिकों के आवासीय इलाकों में भी सुरक्षा को चुस्त-दुरुस्त कर दिया गया है।
किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी एजेंसियों को तैयार कर दिया गया है। किसी आपात स्थिति में पूरी दिल्ली के लोगों को एक साथ अलर्ट करने के लिए पूरी राजधानी में 40 से 50 रेड अलर्ट सायरन लगाने का निर्णय किया गया है। ये रेड अलर्ट सायरन दिल्ली की ऊंची-ऊंची निजी-सार्वजनिक इमारतों पर लगाए जाएंगे। इनकी चाबी एनडीएमए के पास होगी जो किसी आपातकालीन परिस्थिति में सायरन बजाने का काम करेगा।
#WATCH दिल्ली: नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने पीडब्ल्यूडी मुख्यालय, आईटीओ में सायरन का परीक्षण किया। इस दौरान दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश वर्मा भी मौजूद रहे। pic.twitter.com/GokKcSy953
विज्ञापन विज्ञापन— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 9, 2025
पीडब्ल्यूडी भवन में एक सायरन बजाकर इसका परीक्षण किया
आज शुक्रवार को भी दिल्ली के आईटीओ स्थित पीडब्ल्यूडी भवन में एक सायरन बजाकर इसका परीक्षण किया गया। इसकी तीव्रता आठ किलोमीटर के लगभग पाई गई है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रेड अलर्ट सायरन लगाकर सरकार उचित तीव्रता में खतरे का संदेश पहुंचाना चाहती है। इसे ध्यान में रखते हुए रेड अलर्ट सायरन लगाने का निर्णय किया गया है।
आपात स्थिति में ये सायरन पांच मिनट तक बजाए जाएंगे
दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि ये रेड अलर्ट सायरन आपात स्थिति में यह सायरन चेतावनी देने का काम करेंगे। सभी सायरनों को एक केंद्रीय कमांड सेंटर से नियंत्रित किया जाएगा और इनका संचालन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अधीन होगा। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में ये सायरन पांच मिनट तक बजाए जाएंगे, जिससे लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके। इससे लोग समय रहते मेज या बेसमेंट में सुरक्षित जगह तलाश सकेंगे। पीडब्ल्यूडी और नागरिक सुरक्षा की टीमें आने वाले दिनों में इन सायरनों की परीक्षण प्रक्रिया और निगरानी जारी रखेंगी ताकि जरूरत पड़ने पर वे पूरी तरह से तैयार रहें।