Delhi: सरकारी स्कूलों की 10 हजार कक्षाओं में लगेंगे एयर प्यूरिफायर, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने किया एलान
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को घोषणा की कि छात्रों को साफ हवा देने के लिए 10,000 क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में बच्चों की सेहत को सबसे ऊपर रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत सरकारी स्कूलों की 10 हजार कक्षाओं में एयर प्यूरिफायर लगाए जाएंगे। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने बताया कि प्रदूषण किसी एक मौसम की समस्या नहीं, बल्कि वर्षों की गलत नीतियों और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। उनकी सरकार बीते 10 महीनों में दिखावटी अभियानों के बजाय जमीन पर असर दिखाने वाले फैसले ले रही है।
दिल्ली सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पिछली सरकार प्रदूषण को लेकर जनता को गुमराह करने का काम किया। पहले विज्ञापनों के जरिए हालात छिपाने की कोशिश की गई, जबकि असल समाधान पर काम नहीं हुआ। कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि साल 2017-18 में करीब 30 फीसदी एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन जानबूझकर हरित क्षेत्रों में लगाए गए, ताकि प्रदूषण का स्तर कम दिखाई दे। ऑड-ईवन और रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ जैसे अभियान सिर्फ दिखावा साबित हुए।
सरकार ठोस और दीर्घकालिक फैसले ले रही
मंत्री ने बताया कि निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के दोबारा इस्तेमाल को 11 अक्तूबर 2025 से अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का पालन नहीं होने पर निर्माण कार्य का भुगतान नहीं किया जाएगा। इससे सड़कों और खाली प्लॉटों पर मलबा फेंकने पर भी रोक लगेगी। कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने को बड़े कदम उठाए गए। भलस्वा लैंडफिल को सितंबर 2026 तक पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य है। इसके 18 लाख मीट्रिक टन कचरे के वैज्ञानिक निपटान का टेंडर जारी किया है। डेयरियों से निकलने वाले कचरे के निपटान के लिए नांगली सकरावती और घोघा में बायोगैस प्लांट लगाए गए हैं, जिससे प्रदूषण कम होगा और ऊर्जा भी बनेगी।
धूल प्रदूषण को काबू करना चुनौती
धूल प्रदूषण पर काबू पाने के लिए मशीनों से सड़कों की सफाई हो रही है। नगर निकायों को मजबूत करने के लिए 175 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जबकि 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जल्द दी जाएगी। मेट्रो फेज-4 और आरआरटीएस जैसी परियोजनाओं में आ रही अड़चनों को दूर किया जा रहा है, ताकि लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
बच्चों की सेहत को दी प्राथमिकता
बच्चों की सेहत को प्राथमिकता दी गई है। पहले चरण में सरकारी स्कूलों की 10 हजार कक्षाओं में एयर प्यूरिफायर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का असर बच्चों की पढ़ाई और सेहत पर न पड़े, यह सरकार की प्राथमिकता है।
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा, 'दिल्ली सरकार के स्कूलों में कुल 38,000 क्लासरूम हैं, और पहले फेज में 10,000 क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे।'
बेहद खराब श्रेणी में बरकरार दिल्ली की हवाVIDEO | Delhi Minister Ashish Sood says, “There are a total of 38,000 classrooms in Delhi government schools, and in the first phase, air purifiers will be installed in 10,000 classrooms.”#DelhiSchools #AirPurifiers #AshishSood
(Full VIDEO available on PTI Videos –… pic.twitter.com/Raicj75l80 — Press Trust of India (@PTI_News) December 19, 2025
राजधानी में गिरते तापमान के कारण प्रदूषण में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऐसे में मौसमी दशा अनुकूल रहने के चलते प्रदूषण आज भी बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में स्मॉग की हल्की चादर भी दिखाई दी। इसके चलते कई इलाकों में दृश्यता भी बेहद कम रही। साथ ही, लोगों को आंख में जलन व सांस के मरीजों को परेशानी हुई। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, शुक्रवार सुबह राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 387 दर्ज किया गया है।