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दिल्ली में छाई धुंध की मोटी चादर, 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है हवा की गुणवत्ता

Mon, 29 Oct 2018 09:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 29 Oct 2018 09:04 AM IST
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Air pollution in Delhi reached the highest level of the year
दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

धुंध की मोटी चादर छाई रहने से सोमवार को भी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में रही। राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 348 दर्ज किया गया जो 'बहुत खराब' श्रेणी दर्शाता है।

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शहर में अलग-अलग जगहों पर बनाए गए 29 निगरानी केंद्रों ने हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्शाई जबकि चार केंद्रों ने हवा की गुणवत्ता "अत्यंत गंभीर" श्रेणी की बताई।
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एक्यूआई का स्तर 0 से 50 के बीच 'अच्छा' माना जाता है। 51 से 100 के बीच यह 'संतोषजनक' स्तर पर होता है और 101 से 200 के बीच इसे 'मध्यम' श्रेणी में रखा जाता है। हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'अत्यंत गंभीर' स्तर पर माना जाता है। 
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अधिकारियों की दलील है कि निर्माण कार्य, वाहनों से होने वाले प्रदूषण, पंजाब एवं हरियाणा में खेतों में पराली जलाए जाने जैसे कारकों की वजह से दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है।

राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की मोटी चादर छाई हुई है। अधिकारियों का कहना है कि अगले महीने त्योहारों के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं।

केंद्र द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एवं शोध प्रणाली (सफर) के मुताबिक, प्रदूषण 'बहुत खराब' श्रेणी के ऊपरी स्तर तक बढ़ सकता है, लेकिन अगले दो दिनों तक यह "अत्यंत गंभीर" श्रेणी में नहीं जाएगा।

रविवार को साल के सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था प्रदूषण

Air pollution in Delhi reached the highest level of the year
दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
स्मॉग के कहर से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की आबोहवा इस साल के खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। दिल्ली में ओवरआल वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार को 381 पर पहुंच गया। यह इस साल का सर्वाधिक एक्यूआई है, जो बेहद गंभीर स्तर से महज एक अंक कम है। 

पांच दिनों से लगातार खराब हो रही हवा दीपावली के बाद और गंभीर बने रहने की आशंका जताई जा रही है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टास्क फोर्स ने पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) से इस पर शिकंजा कसने के लिए सख्त कदम उठाने की सिफारिश की है। 

दीपावली के बाद प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी होने से हालात और बदतर होंगे। इस संबंध में सफर (सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च) ने लोगों को घरों से निकलने से पहले मास्क पहनने, सैर से बचने और बुजुर्गो-बच्चों को अधिक देर तक घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी है।

टास्क फोर्स ने कोयला और बायोमास फैक्ट्रियों को बंद करने, परिवहन विभाग से वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर लगाम कसने और दिल्लीवासियों को घरों से अतिजरूरी होने पर ही निकलने सहित निजी वाहनों के कम से कम इस्तेमाल की सलाह दी है। परिवहन विभाग को 10 नवंबर तक दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण व धुंध की वजह से लगने वाले जाम से निजात दिलवाने के सभी विकल्पों को दुरस्त करने को भी कहा गया है, ताकि बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन हो सके। 

पीएम 2.5 और पीएम 10 में बढ़ोतरी से सेहत पर खतरा 

Air pollution in Delhi reached the highest level of the year
pollution
दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 225 पर पहुंच गया, जो इस सीजन में अब तक सर्वाधिक है। पीएम 2.5 के स्तर में हुई बढ़ोतरी सेहत के लिए पीएम-10 से और ज्यादा खतरनाक है।
हवा में पीएम 10 का स्तर भी दिल्ली में 418 रिकॉर्ड किया गया। पीएम-2.5 और पीएम 10 में बढ़ोतरी से खासतौर पर सांस की बीमारी के शिकार लोगों की दिक्कत बढ़ा सकती है।
  
अधिक देर न गुजारे घरों के बाहर, घरों से बाहर पहने मास्क 
संस्था सफर ने प्रदूषण में लगातार बढ़ोतरी के बाद हेल्थ एडवाइजरी जारी करते हुए हृदय, फेंकड़ा संबंधी बीमारी से जूझ रहे लेागों, बुजुर्गों और बच्चों को अगले कुछ दिनों तक अधिक
देर तक बाहर में न गुजारने संबंधी एहतियात बरतने को कहा है। साथ ही लोगों को जॉगिंग की बजाय सैर भी कम करने सहित बाहर निकलने से पहले मास्क पहनने की सिफारिश
की है। इस दौरान घरों की खिड़कियां भी बंद रखने को कहा गया है ताकि घरों के अंदर ही हवा में प्रदूषण फैलाने वाले कण न घुल जाएं।  

क्यों प्रदूषित हो रही हवा
हवा के प्रदूषण के लिए स्थानीय कारकों जैसे निर्माण गतिविधियों से उठने वाली धूल और वाहनों से निकलने वाले धुएं के अलावा पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने को अहम
माना जा रहा है।
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