Delhi Pollution: हवा की सेहत में सुधार पर अब भी खराब, 11 नवंबर के बाद से और बिगड़ सकती है हालत
मौसमी परिस्थितियों का साथ देने की वजह से बुधवार को दिल्ली-एनसीआर की हवा में सुधार दर्ज हुआ है। करीब दो सप्ताह बाद हवा की सेहत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। इससे पहले 26 अक्तूबर को हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंची थी।
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मौसमी परिस्थितियों का साथ देने की वजह से बुधवार को दिल्ली-एनसीआर की हवा में सुधार दर्ज हुआ है। करीब दो सप्ताह बाद हवा की सेहत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। इससे पहले 26 अक्तूबर को हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंची थी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिन तक बदलाव की संभावना नहीं है। वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रहेगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का एक्यूआई 260 दर्ज किया गया। वहीं, एनसीआर में गुरुग्राम की हवा 174 एक्यूआई के साथ औसत श्रेणी में रहकर सबसे साफ दर्ज की गई है। वहीं, अन्य शहरों की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। इससे एक दिन पहले दिल्ली की हवा 372 एक्यूआई के साथ बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई थी।
पराली के धुएं के हिस्सेदारी रही कम
केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पराली जलने से पीएम 2.5 में पांच फीसदी हिस्सेदारी रही है। साथ ही हवा की दिशा दक्षिण-पूर्वी और रफ्तार पांच किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की दिशा बदलने और सतही हवा की रफ्तार कम होने की वजह से पराली का धुआं दिल्ली-एनसीआर तक नहीं पहुंचा है। वहीं, मंगलवार की रात मौसम के करवट लेने के साथ चली तेज हवाओं से वातावरण में मौजूद प्रदूषकों को छंटने में मदद मिली है। यही वजह है कि प्रदूषण का मीटर नीचे आया है। सफर के मुताबिक, पीएम 2.5 से बड़े कणों की पीएम 10 में 59 फीसदी तक हिस्सेदारी दर्ज की गई। बीते 24 घंटे में पीएम 10 का स्तर 169 व पीएम 2.5 का स्तर 82 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर तक दर्ज किया गया।
अगले 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट और वेंटिलेशन इंडेक्स में होगा बदलाव
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बुधवार को मिक्सिंग हाइट का स्तर 1900 मीटर रहा। वहीं, वेंटिलेशन इंडेक्स चार हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक दर्ज किया गया। विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट 2700 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 14500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक रह सकता है। वहीं, शुक्रवार को मिक्सिंग हाइट 2150 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 14500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक रहने का पूर्वानुमान है।
11 नवंबर के बाद से बिगड़ सकती है हवा
वायु मानक एजेंसियों के मुताबिक, 11 नवंबर के बाद हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पश्चिम हो रही है। साथ ही इस दौरान हवा की रफ्तार भी चार से आठ किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। ऐसे में उत्तर-पश्चिम भारत में जलने वाली पराली का धुआं दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में हिस्सेदारी को बढ़ा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो एक बार फिर हवा बेहद खराब या गंभीर श्रेणी में अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकती है।
रोक के बावजूद राज्यों में पराली जलने के मामलों में कमी नहीं आ रही है। बीते 24 घंटे में भी पंजाब समेत अन्य राज्यों में पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, पंजाब में सबसे अधिक 1778 जगहों पर पराली जलाई गई हैं। वहीं, हरियाणा में 69, उत्तर प्रदेश में 58, मध्यप्रदेश में 570 और राजस्थान में छ22 जगहों पर पराली जली है। अच्छी बात यह है कि दिल्ली में पराली जलने के शून्य मामले दर्ज हुए हैं।
दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई
दिल्ली- 260
फरीदाबाद- 248
गाजियाबाद- 246
ग्रेटर नोएडा- 246
गुरुग्राम- 174
नोएडा- 186