गीतिका सुसाइड केस: एयर होस्टेस आत्महत्या मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, मुख्य आरोपी गोपाल कांडा बरी
Air Hostess Geetika Sharma Suicide Case: दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने एयर होस्टेस गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल गोयल कांडा को बरी कर दिया है। पांच अगस्त 2012 को 23 साल की गीतिका शर्मा ने दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने ही फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एयर होस्टेस गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल गोयल कांडा को बरी किए जाने के बाद उनका कहना है, 'मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं था, यह मामला मेरे खिलाफ बनाया गया था और आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।'
गोपाल कांडा मौजूदा समय में सिरसा से विधायक हैं। गोपाल कांडा की एयरलाइंस कंपनी में गीतिका एयरहोस्टेस थी, उसने सुसाइड किया था। गोपाल कांडा पर गीतिका की खुदकुशी का आरोप लगा था। मामले में कांडा को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
Delhi's Rouse Avenue Court acquits former Haryana Minister Gopal Goyal Kanda in air hostess Geetika Sharma suicide case.
— ANI (@ANI) July 25, 2023
Geetika, a former air hostess, who was earlier employed with Kanda's MDLR airlines, was found dead on August 5, 2012 at her Ashok Vihar residence in North… pic.twitter.com/Ibs8hYuMcC
सिरसा से हलोपा के विधायक गोपाल कांडा का विवादों से पुराना नाता रहा है। लेकिन फर्श से अर्श तक पहुंचने वाली कहावत गोपाल कांडा पर एकदम सटीक बैठती है। मौजूदा समय में कांडा हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार को अपना समर्थन दे रहे हैं। उनके भाई गोविंद कांडा भाजपा में है और ऐलनाबाद से पार्टी की टिकट पर उपचुनाव लड़ चुके हैं। गोपाल कांडा की हलोपा एनडीए गठबंधन में शामिल है।
एयरलाइंस के मालिक बनने तक सफर
हरियाणा की राजनीति और एक छोटे से दुकानदार से लेकर एयरलाइंस के मालिक बनने तक का गोपाल कांडा का सफर काफी अनोखा रहा है। बताया जाता है कि कांडा ने व्यापार शुरू करने के लिए चंदा तक मांगा था। मिली जानकारी के अनुसार कांडा जूते बनाने का कारोबार करते थे, जो विफल हो गया था। इसके बाद उन्होंने टीवी रिपेयरिंग और इलेक्ट्रिशियन तक का भी काम किया था।
एयरलाइंस का काम साल 2009 में बंद हो गया
लेकिन उनका जूते का कारोबार काफी आगे बढ़ा, जिसके बाद उन्होंने 1998 में गुड़गांव में प्रॉपर्टी के कारोबार में कदम रख दिया। इसी के बाद वह कई राजनीतिज्ञों के संपर्क में आए थे। जिसके बाद जीवन में आए उतार-चढ़ाव के चलते और रियल एस्टेट का कारोबार देश के कई शहरों तक फैलने के बाद कांडा ने एयरलाइंस में कदम रखा और उन्होंने गुड़गांव से एमडीएलआर एयरलाइंस की शुरुआत की। इस एयरलाइंस का नाम उन्होंने अपने पिता के नाम मुरलीधर लेखा राम पर रखा था। हालांकि एयरलाइंस का काम साल 2009 में बंद हो गया था।
राजनीतिक करियर
कांडा के राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2009 से होती है। इस साल उन्हें इनेलो से टिकट नहीं मिला था, तो उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। वह 6 हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीत गए थे। इस जीत ने उनकी तकदीर को बदल दिया और वह राजनीति के किंगमेकर बन गए। इसके बाद से कांडा राजनीति के एक मुख्य चेहरे बन गए। वह हरियाणा में कांग्रेस की गृह राज्य मंत्री बने थे, बाद में वह शहरी निकाय, वाणिज्य और उद्योग मंत्री भी बने।
गीतिका आत्महत्या केस
हालांकि साल 2012 में गीतिका शर्मा मामले के सामने आने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। गीतिका उनकी एयरलाइंस में ही एयर होस्टेस थीं। जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी। गितिका ने अपने सुसाइड नोट में कहा था कि उन्हें कांडा ने प्रताड़ित किया है, जिससे परेशान होकर वो ये कदम उठा रही हैं। इसके बाद कांडा को गिरफ्तार भी किया गया था लेकिन वह साल 2014 में ही जेल से बाहर भी आ गए। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने लोकहित पार्टी की स्थापना की। उन्होंने साल 2014 में चुनाव भी लड़ा था लेकिन वह हार गए थे।