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Delhi AIIMS: हर तीन मिनट में एक की सिर में चोट लगने से होती है मौत, दुर्घटना से बचाव के बारे में बताएगा एम्स
Tue, 21 Mar 2023 05:06 AM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 21 Mar 2023 05:06 AM IST
सार
एम्स के न्यूरोसर्जन डॉ. दीपक गुप्ता ने कहा कि एम्स ने ब्रेन इंजरी प्रिवेंशन इनिशिएटिव की शुरुआत की है। इसके तहत लोगों को सड़क दुर्घटना से बचाने के लिए सीट बेल्ट, एयरबैग, हेलमेट का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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एम्स दिल्ली
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
देश में हर तीन मिनट में एक व्यक्ति की सिर में गंभीर चोट से मौत हो जाती है। इन मौतों को रोका जा सकता है। ऐसी दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के न्यूरो सर्जरी विभाग ने अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत लोगों को सड़क सुरक्षा में दुर्घटना व ऊंचाई से गिरने पर सिर में लगने वाली चोट से बचाव के बारे में बताया जाएगा।
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एम्स के न्यूरोसर्जन डॉ. दीपक गुप्ता ने कहा कि एम्स ने ब्रेन इंजरी प्रिवेंशन इनिशिएटिव की शुरुआत की है। इसके तहत लोगों को सड़क दुर्घटना से बचाने के लिए सीट बेल्ट, एयरबैग, हेलमेट का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही ऊंचाई से गिरने से होने वाली दुर्घटना को रोकने के लिए सुरक्षित बालकनी, बैरिकेडिंग व अन्य के लिए जागरूकता की जाएगी।
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बता दें कि भारत में हर साल गंभीर चोटें दर्ज होती हैं। देश में हर साल सिर की चोट से होने वाली एक लाख 50 हजार मौतों में से 25 फीसदी मौतें दोपहिया सड़क यातायात दुर्घटनाओं के कारण होती हैं। ऐसी घटनाओं में यदि हेलमेट पहना जाता है तो मृत्यु व सिर में लगने वाली चोट के जोखिम को 50-60 फीसदी तक कम कर देता है। बिना हेलमेट वाली सवारियों (महिलाओं) में हेलमेट पहने सवारों की तुलना में दो गुना अधिक मौतें दर्ज की गईं।
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हेलमेट पहनने पर मौत कम
सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचे हेलमेट पहनने वाले मरीज की मौत में 16 फीसदी की गिरावट आई है। साथ ही सर्वाइकल स्पाइन की चोटें भी कम हुई हैं।