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Delhi: ध्यान पर शोध करेगा एम्स, विश्व को देगा वैज्ञानिक सबूत, संस्थान में ध्यान दिवस पर आयोजित हुआ कार्यक्रम

Tue, 24 Dec 2024 06:31 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 24 Dec 2024 06:31 AM IST
सार

कार्यक्रम में आए आचार्यों ने ध्यान के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ध्यान एक मानसिक प्रक्रिया है। इसमें व्यक्ति अपनी पूरी मानसिक ऊर्जा को किसी विशेष वस्तु, विचार, या क्रिया पर केंद्रित करके खुद को एकाग्रता बनाता है। इसकी मदद से विचारों और भावनाओं को नियंत्रित किया जा सकता है।

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AIIMS will do research on meditation, will give scientific evidence to the world
Delhi AIIMS - फोटो : ANI

विस्तार

ध्यान की मदद से शरीर में होने वाले फायदों की पहचान के लिए एम्स शोध करेगा। इन शोध की मदद से दुनिया को वैज्ञानिक सबूत भी देगा। यह कहना है एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास का। सोमवार को एम्स में पहले विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें निदेशक ने कहा कि ध्यान के महत्व को दुनिया पहचाने लगी है। इसके क्या वैज्ञानिक फायदे हैं। किस तरह से यह मानसिक व दूसरे समस्याओं को मददगार साबित हो सकता है। इसके लेकर वैज्ञानिक आधार पर एम्स के विशेषज्ञ काम करेंगे।

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कार्यक्रम में आए आचार्यों ने ध्यान के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ध्यान एक मानसिक प्रक्रिया है। इसमें व्यक्ति अपनी पूरी मानसिक ऊर्जा को किसी विशेष वस्तु, विचार, या क्रिया पर केंद्रित करके खुद को एकाग्रता बनाता है। इसकी मदद से विचारों और भावनाओं को नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित ध्यान का अभ्यास करने से मानसिक शांति, स्पष्टता, और स्थिरता मिलती है। यह व्यक्ति को आत्म-ज्ञान और मानसिक संतुलन की ओर अग्रसर करता है। ध्यान लगाने से अवसाद और तनाव सहित दूसरे रोगों से राहत मिलता है। शरीर के हार्मोन का संतुलन और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर होते हैं। इस मौके पर प्रोफेसर कोचर केपी, डॉक्टर केके दीपक सहित अन्य मौजूद रहे।
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तनाव और चिंता कम करने में करती है मदद
एम्स के एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर डॉक्टर रीमा दादा ने कहा कि ध्यान के दौरान गहरी सांस लेने और मन को स्थिर करने पर ध्यान दिया जाता है। यह प्रक्रिया तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है। अध्ययन में पाया गया है कि ध्यान के नियमित अभ्यास से स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर घटता है, जिससे मन हल्का और शांत महसूस करता है। ध्यान विशेष रूप से माइंडफुलनेस मेडिटेशन, नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है। यह दिमाग को शांत करता है और शरीर को आराम देकर अच्छी नींद में मदद करता है।

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घटता है मिर्गी के दौरे का खतरा
न्यूरोलॉजी विभाग के एक अध्ययन में पाया गया कि ध्यान लगाने से मिर्गी के दौरों का खतरा कम हो सकता है। अध्ययन में 160 मरीजों को शामिल किया गया। एक समूह को दवाओं के साथ ध्यान का अभ्यास कराया और दूसरे को सिर्फ दवाएं दी गईं। दवाओं के साथ ध्यान करने वाले समूह में छह महीने बाद मिर्गी के दौरे की दर आधी रह गई।

संस्थान करेगा प्रकृति परीक्षण
एम्स में प्रकृति परीक्षण अभियान शुरू हुआ है। 25 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान कोई भी आयुष विभाग के एप में पंजीकृत हो सकता है। जांच कर जानकारी एप पर अपलोड करेंगे। डॉक्टर ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का चिकित्सक व छात्र-छात्राएं प्रकृति परीक्षण करेंगे।

परीक्षण में एक एप के माध्यम से प्रश्न पूछकर प्रकृति का निर्धारण किया जा रहा है। इसके साथ प्रकृति के अनुसार उचित आहार विहार की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध करवाई जा रही है, जिसका पालन कर व्यक्ति भविष्य में होने वाली बीमारियों से बच सकेंगे।

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