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दिल्ली-एनसीआर के सरकारी अस्पतालों से जुड़ेगा एम्स
Wed, 04 Sep 2019 06:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 04 Sep 2019 06:10 AM IST
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एम्स दिल्ली
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने नेत्रदान को लेकर कई बड़े मुकाम हासिल कर लिए हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र (आरपी सेंटर) ने 53 वर्ष में पहली बार दान में मिली आंखों का आंकड़ा दो हजार से पार किया है।
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वर्ष 2018 में आरपी सेंटर को 2234 आंखें दान में मिलीं। इनमें से 1426 कॉर्निया को प्रत्यारोपित किया गया। वर्ष 2017 में करीब 1800 आंखें दान में मिली थीं। इनमें से एक हजार प्रत्यारोपित की गईं।
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एम्स के वरिष्ठ डॉ. जेएस टिटियाल ने मंगलवार को प्रेस कान्फ्रेंस में 34वें नेत्रदान पखवाड़े को लेकर संस्थान की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने बताया कि जल्द ही 3 हजार आंखें प्राप्त करने और 2 हजार से ज्यादा प्रत्यारोपण का लक्ष्य है।
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इसे पूरा करने के लिए एम्स ने दिल्ली-एनसीआर के सरकारी अस्पतालों को मिलाकर एम्स-दिल्ली हॉस्पिटल कॉर्निया रिट्रिएवल प्रोग्राम शुरू किया है। इनमें दिल्ली के जीटीबी और डीडीयू अस्पताल के अलावा आरएमएल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल शामिल हैं।
जल्द ही नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा के सरकारी अस्पतालों को भी इससे जोड़ा जाएगा। यहां के स्टाफ को प्रशिक्षित करने के बाद यहां से दान में प्राप्त आंखों को एम्स प्रत्यारोपित करेगा। डॉक्टरों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के अस्पताल नेत्रदान पर अच्छा काम कर रहे हैं। एम्स को अपना लक्ष्य पूरा करने में अस्पतालों से काफी मदद मिल सकेगी।
डॉ. टिटियाल ने बताया कि बीते 53 वर्ष में एम्स अब तक 29 हजार आंखें प्राप्त कर चुका है। इनमें से 20 हजार आंखें प्रत्यारोपित की जा चुकी हैं। आंखें प्रत्यारोपित होने के बाद अक्सर मरीजों से फॉलोअप के लिए संपर्क नहीं हो पाता है। इसलिए एम्स जल्द ही एक मोबाइल एप लेकर आ रहा है। इसके जरिये ट्रैकिंग आसान होगी।
इसके अलावा, एम्स ने इलाज के दौरान मरने वाले मरीजों को प्रमाण पत्र देने में शत-प्रतिशत सफलता हासिल कर ली है। इसका फायदा नेत्रदान से जुड़े काउंसलरों को हो रहा है। एम्स ने अपनी वेबसाइट पर नेत्रदान-अंगदान के संकल्प पत्र भरवाना भी शुरू कर दिया है।
छलके आंसू तो सनी देओल ने लगाया गले
मंगलवार शाम एम्स ने नेत्रदान पखवाड़े के तहत एक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें सांसद व अभिनेता सनी देओल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव मौजूद थे। इस दौरान जिन लोगों ने मरणोपरांत आंखें दान कीं, उन्हें सम्मानित किया गया। इसी दौरान दिल्ली निवासी मनप्रीत के परिजनों को मंच पर बुलाया गया। वहां पहुंच मनप्रीत के परिजन भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक उठे। सनी देओल ने यह देख उन्हें गले लगा लिया। उन्होंने मनप्रीत के इस फैसले पर गर्व होने की बात कही।