फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   AIIMS research has revealed that even amnesia can be cured through yoga

Delhi AIIMS: योग से निरोग तो रहेंगे ही याददाश्त भी होगी दुरुस्त; एम्स ने किया शोध, 12 सप्ताह चला अध्ययन

Tue, 17 Jun 2025 04:18 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 17 Jun 2025 04:18 AM IST
सार

इस शोध में एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. मंझारी त्रिपाठी, एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर डा. रीमा दादा के अलावा  विशेषज्ञों में मीनाक्षी कौशिक, अंजलि यादव, आशीष दत्त उपाध्याय, अनु गुप्ता, प्रभाकर तिवारी शामिल रहे।

विज्ञापन
AIIMS research has revealed that even amnesia can be cured through yoga
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik

विस्तार

योग से याददाश्त भी मजबूत होती है और भूलने की बीमारी अगर है तो उससे भी निजात मिल सकती है। एम्स के विशेषज्ञों ने कई शोध के बाद इस बात को सच बताया है। उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्गों में भूलने की समस्या कहें या अल्जाइमर रोग होने की आशंका बढ़ जाती है, जिसे योग की मदद से कम या रोका जा सकता है।

विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक मस्तिष्क विकार है जो धीरे-धीरे याददाश्त, सोचने की क्षमता और व्यवहार को प्रभावित करता है। यह मनोभ्रंश का सबसे आम कारण है। इसमें मस्तिष्क की कोशिकाएं (न्यूरॉन्स) धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं। ऐसी स्थिति होने पर बुजुर्ग भूलने लगते हैं। इसका असर न केवल बुजुर्ग की जिंदगी पर पड़ता है, बल्कि उनकी देखभाल करने वाले लोग भी प्रभावित होते हैं।
विज्ञापन


शोध में हुए शामिल
इस शोध में एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. मंझारी त्रिपाठी, एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर डा. रीमा दादा के अलावा  विशेषज्ञों में मीनाक्षी कौशिक, अंजलि यादव, आशीष दत्त उपाध्याय, अनु गुप्ता, प्रभाकर तिवारी शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोग बढ़ा देता है समस्याएं
अल्जाइमर रोग (एडी) मरीज के सामने गंभीर चुनौतियां पेश करता है। रोगियों के लिए जीवन की गुणवत्ता (क्यूओएल) को काफी खराब करता है। साथ ही देखभाल करने वालों पर बोझ बढ़ाता है। इस अध्ययन के माध्यम से हल्के से मध्यम अल्जाइमर रोग वाले व्यक्तियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना व देखभाल करने वालों का बोझ (सीबी) कम करना है।

12 सप्ताह चला अध्ययन  
एम्स के विशेषज्ञों ने 30 मरीजों (18 पुरुष, 12 महिलाएं) पर अध्ययन किया। इसके तहत भूलने की बीमारी से ग्रसित लोगों को 12 सप्ताह तक आसन, श्वास व्यायाम  और ध्यान करवाया गया। इन सभी की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक थी। इन सभी को वृद्धाश्रम से भर्ती किया गया। 12 हफ्ते बाद सभी मरीजों की भाषा, स्मृति, ध्यान, दृश्य-स्थानिक क्षमता, विलंबित स्मरण, अमूर्तता और अभिविन्यास में सुधार दिखा।


योग से आया सुधार
योग की मदद से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ। शोध में जीडीएस स्कोर 8.36 ± 2.79 से घटकर 5.13 ± 3.07 हो गया, जबकि एमओसीए कुल स्कोर 18.23 ± 4.90 से बढ़कर 21.10 ± 5.09 हो गया। डोमेन-विशिष्ट एमओसीए स्कोर में भी वृद्धि देखी गई। इसमें पाया गया कि मरीजों के भाषा, ध्यान और विलंबित स्मरण में काफी सुधार हुआ। साथ मरीजों का ध्यान रखने वालों की समस्याएं भी काफी कम हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed