एम्स नर्स मौत मामला: सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को नौकरी से निकाला
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एम्स की नर्सिंग ऑफिसर राजबीर कौर की मौत मामले के लिए बनी जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को नौकरी से निकालने का निर्णय लिया गया है।
साथ ही मृतका के परिजन को नौकरी और 10 लाख रुपये मुआवजा देने का भी निर्णय लिया गया है। एम्स प्रशासन के इस निर्णय से एम्स नर्सेज यूनियन ने खुशी जताई है।
एम्स के उप निदेशक (प्रशासन) वी.श्रीनिवास ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एनेस्थीसिया विभाग के एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को नौकरी से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है।
गाइनोकोलॉजी विभाग के सीनियर रेजिडेंट डिसप्लेजर मेमोरेंडम जारी की गई
गाइनोकोलॉजी विभाग के सीनियर रेजिडेंट डिसप्लेजर मेमोरेंडम (काम के प्रति नाखुशी) जारी की गई है। इसके तहत उनके कैरियर रिकॉर्ड में इस लापरवाही को शामिल किया जाएगा।
वहीं एनेस्थीसिया विभाग के जूनियर रेजिडेंट को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। घटना के दिन ड्यूटी पर रहने वाली स्त्री और प्रसूति रोग विभाग की कंसलटेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इसके अलावा एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि मैटरनिटी ओटी में 24 घंटे सीनियर रेजिडेंट की ड्यूटी हो। विभागाध्यक्ष को यह भी तय करना है कि एनेस्थीसिया विभाग के कंसलटेंट भी 24 घंटे अस्पताल परिसर में ही रहें।
बता दें कि एम्स की नर्सिंग ऑफिसर राजबाला कौर को डिलीवरी के लिए 16 जनवरी, 2017 को एम्स में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान राजबाला की तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप लगा कि चिकित्सकों की लापरवाही की वजह से राजबाला की तबीयत बिगड़ी और चार फरवरी को उसकी मौत हो गई।