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तकनीक: बच्चों के मस्तिष्क से विकार दूर कर हाथ-पैरों में जान ला रहा एम्स, इन कारणों से हो सकता है ये रोग

Mon, 04 Nov 2024 02:08 PM IST
शाहरुख खान राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 04 Nov 2024 02:08 PM IST
सार

एम्स दिल्ली सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों के मस्तिष्क से विकार दूर कर हाथ-पैरों में जान ला रहा है। थ्रासथेनियल मैग्नेटिक सिमुलेशन की मदद से सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित 23-23 बच्चों पर ट्रायल किया है।

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AIIMS is bringing life to hands and feet of children by removing disorders from their brains
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों के मस्तिष्क से विकार दूर कर एम्स इनके हाथों-पैरों में नई जान ला रहा है। इन बच्चों में होने वाली जटिलता को दूर करने के लिए एम्स ने थ्रासथेनियल मैग्नेटिक सिमुलेशन मशीन की मदद ली है। पांच से 18 साल के 23-23 बच्चों पर इसका ट्रायल किया। परिणाम बेहतर मिले हैं। 
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विशेषज्ञ का कहना है कि सेरेब्रल पाल्सी एक न्यूरोलॉजिकल विकार है, जो मस्तिष्क की विकास में असामान्यताओं के कारण होता है। देश में यह रोग एक हजार में से तीन बच्चों में होने की आशंका रहती है। इसके लक्षण उम्र बढ़ने के साथ दिखने लगते हैं। 
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ऐसे बच्चों के मस्तिष्क में हुए नुकसान को ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन ट्रायल के परिणाम से उसमें सुधार की उम्मीद जगी है। इसकी मदद से बच्चों में होने वाली जटिलताएं कम होती है। 
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एम्स के बाल चिकित्सा विभाग में बाल न्यूरोलॉजी प्रभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. शेफाली गुलाटी ने बताया कि ट्रायल के दौरान बच्चे के मस्तिष्क के प्रभावित हिस्से की पहचान की जाती है। इसके बाद प्रभावित के विपरीत हिस्से के ऊपर थ्रासथेनियल मैग्नेटिक सिमुलेशन मशीन को लगाया जाता है। 

इससे मैग्नेटिक फिल्ड बनता है जो प्रभावित हिस्से में सुधार का कारण बनता है। ट्रायल के दौरान ऐसे बच्चों में सुधार देखा गया जो हाथ-पैर को हिला नहीं पाते थे।

इस तरह से हुआ अध्ययन
शरीर के एक हिस्से में सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित 5 से 18 साल की आयु के 23-23 बच्चों पर ट्रायल हुआ। चार सप्ताह में वैकल्पिक कार्य दिवसों पर वास्तविक आरटीएमएस (हस्तक्षेप हाथ) या आरटीएमएस (नियंत्रण हाथ) के साथ एमसीआईएमटी के 10 सत्र दिए गए। प्राथमिक परिणाम ऊपरी अंग कौशल परीक्षण स्कोर की गुणवत्ता में औसत परिवर्तन देखा गया। 

द्वितीयक परिणाम डोमेन स्कोर, गति और शक्ति माप में सुधार दिखा। इस ट्रायल में एक को छोड़कर सभी 46 बच्चों ने परीक्षण पूरा किया। चार सप्ताह में बच्चों के वजन वहन और सुरक्षात्मक विस्तार डोमेन स्कोर में परिवर्तन काफी अधिक था। 
 

ये सुधार 12 सप्ताह तक बने रहे। स्कोर 12 सप्ताह में सुधरे। बच्चों में कोई गंभीर प्रतिकूल घटना नहीं देखी गई। अध्ययन में पता चला कि एमसीआईएमटी के साथ संयुक्त 6-एमजेड़ प्राइम्ड आरटीएमएस सुरक्षित, व्यवहार्य है। एकतरफा सीपी वाले बच्चों के ऊपरी अंग के कार्य को बेहतर बनाने में अकेले एमसीआईएमटी से बेहतर है।
 

इन कारणों से हो सकता है रोग
  • गर्भावस्था के दौरान भ्रूण में संक्रमण, गर्भपात या गंभीर चिकित्सा समस्याएं, समय से पहले जन्म या कम वजन 
  • जन्म के दौरान ऑक्सीजन की कमी, कठिन जन्म या जन्म चोट, विकसित होते मस्तिष्क में चोट लगना, मस्तिष्क में रक्त का थक्का बनना या रक्तस्राव
  • कुछ आनुवंशिक या विकासात्मक विकार

सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण 
  • मांसपेशियों की कमजोरी 
  • चलने, दौड़ने या संतुलन बनाने में परेशानी
  • मांसपेशियों का कठोर होना या अनियंत्रित ऐंठन, चलने या खड़े होने में असामान्य स्थिति
  • बोलने या संवाद करने में दिक्कत
  • मानसिक विकास में देरी या सीखने में कठिनाई, अनियंत्रित हिलना या झूलना
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