फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   AIIMS doctors removed a needle used to sew clothes from the chest of a 7-year-old child

चार सेंटीमीटर सुई निगल गया बच्चा: एम्स के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाली, छाती के लेफ्ट साइड फंसी थी निडिल

Sat, 04 Nov 2023 09:37 AM IST
विजय पुंडीर राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 04 Nov 2023 09:37 AM IST
सार

दिल्ली एम्स में डॉक्टरों ने सात साल के बच्चे की छाती से कपड़े सिलने वाली चार सेंटीमीटर लंबी सुई को ऑपरेशन कर निकला। बताया जा रहा है कि बच्चा खेलते समय इस सुई को खा गया था। यह सुई बच्चे के लेफ्ट साइड में फंस गई थी, जिस कारण उसे दिक्कत हो रही थी

विज्ञापन
AIIMS doctors removed a needle used to sew clothes from the chest of a 7-year-old child
एम्स ने सात साल के बच्चे की छाती से कपड़े सिलने वाली सुई को निकला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एम्स में चुंबक की मदद से सात साल के बच्चे की छाती में फंसे कपड़े सीलने वाली सुई को निकाला गया। खेल-खेल में बच्चा इस सुई को निकल गया था। सुई खाने के बाद बच्चे को बुखार आया। बुखार के साथ खांसी  भी हुई, जिसमें खून आया। मां को यह सब अजीब लगा और तुरंत उसे अस्पताल लेकर आए, जहां एक्सरे करने पर छाती में एक चार सेंटीमीटर की सुई दिखाई दी। यह देखकर डॉक्टरों के होश उड़ गए। सुई छाती को अंदर से लगातार घायल कर रही थी, उसे तुरंत निकालना जरूरी था, नहीं तो बच्चे की मौत तक हो सकती थी। बच्चे को पहले एक निजी अस्पताल में लाया गया। वहां से एम्स रेफर कर दिया गया।

विज्ञापन


एम्स में लाने के बाद पहले बच्चे की पूरी जांच की गई। उसके बाद तुरंत बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग की टीम ने बच्चे के बाएं फेफड़े में गहराई से धंसी बड़ी सिलाई मशीन की सुई को निकालने का फैसला किया। लेकिन चुनौती उसे निकालना था। सर्जिकल उपकरण की मदद से उसे निकाला नहीं जा सकता था। समस्या को देखते हुए विभाग के डॉ. विशेष जैन और डॉ. देवेन्द्र कुमार यादव के नेतृत्व में सर्जिकल टीम तैयार हुई। काफी देर तक इस सर्जरी के लिए प्लान तैयार होता रहा। इसके बाद डॉ. जैन एक करीबी परिचित के पास पहुंचे, जिसने तुरंत उसी शाम, चांदनी चौक बाजार से एक शक्तिशाली चुंबक उपलब्ध करवाया। करीब चार मिमी चौड़ाई और 1.5 मिमी मोटाई वाला विशेष चुंबक की मदद से सर्जरी का उपकरण बनाने कर फैसला लिया गया।
विज्ञापन

 

कठिन थी सर्जरी 
प्लान बनने के बाद दोनों डॉक्टरों ने तकनीकी अधिकारी सत्य प्रकाश के साथ सर्जरी के लिए योजना बनाई। इसमें फैसला लिया गया कि गले के रास्ते उपकरण को फेफड़े के उस हिस्से तक पहुंचाएंगे। इसके लिए पहले जबड़े को सुरक्षित करने के लिए उपकरण लगाया गया। उसके बाद चुंबक को धागे और एक रबर बैंड की मदद से उपकरण में बांधकर सुरक्षित रूप से चिपका दिया गया था। उपकरण की अच्छी तरह से जांच की गई। उसके बाद मरीज को एनेस्थीसिया दिया गया। टीम ने बाएं फेफड़े के भीतर सुई के स्थान का आकलन करने के लिए श्वास नली की एंडोस्कोपी शुरू की। उन्हें जो मिला वह केवल सुई की नोक थी, जो फेफड़ों के भीतर गहराई तक पहुंच गई है। यह उस हिस्से को नुकसान पहुंचा रही है। उसके बाद उस चुंबक युक्त उपकरण को सावधानीपूर्वक मुंह के रास्ते फेफड़ों तक डाला गया। कड़ी मेहनत के बाद चुंबकीय बल की मदद से सुई को निकाला गया।

मां ने दिखाई थी समझदारी 
सात सात के बच्चे की मां ने इस मामले में समझदारी दिखाई। दरअसल दिल्ली के सीलमपुर में रहने वाले इस बच्चे को रविवार को बुखार आया। मां को लगा सब सामान्य होगा। लेकिन अगले ही दिन खांसी के साथ खून भी आया। यह देख मां का माथा ठनका और उसे अस्पताल ले आई। बुधवार को एक्सरे जांच में सुई का पता चला। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह के बाद उसे बृहस्पतिवार को एम्स लाया गया। यहां शुक्रवार को हुई बच्चे की सर्जरी होने के बाद शनिवार को छुट्टी दे दी जाएगी। बच्चा पुरी तरह से ठीक है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed