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अंतिम संस्कार से लौट रहे एम्स डॉक्टर की परिजनों सहित मौत

Sun, 16 Nov 2014 11:37 PM IST
Updated Sun, 16 Nov 2014 11:37 PM IST
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 AIIMS doctor returning from the funeral, died with family.

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर शनिवार देर रात हुई ट्राले और स्कॉर्पियो की टक्कर में जान गंवाने वाले पांच लोगों में एम्स के डॉक्टर राकेश भी थे।

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हादसे के समय डॉ. राकेश कासगंज में मामा के अंतिम संस्कार के बाद अपने और मौसी के परिवार के साथ स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। हादसे में महेश गौतम, सुभाष और शारदा देवी, सुनीता तथा राजेश घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
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ग्रेटर नोएडा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार के मुताबिक नांगलोई (दिल्ली) में शिव पार्क निवासी डॉ. राकेश एम्स में कार्यरत थे। शनिवार सुबह वह अपने और मौसी के परिवार के साथ कासगंज गए थे।
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देर रात लौटते वक्त झट्टा गांव के पास ओवरटेक करने के दौरान तेज रफ्तार कार ट्रॉला के पीछे जा घुसी। कार चला रहे नांगलोई निवासी चालक जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।

चार अन्य घायलों ने कैलाश अस्पताल में दम तोड़ दिया। इनकी पहचान एम्स के डॉ. राकेश कुमार, उनकी पत्नी आशा, भाभी कमला और हरीसिंह के रूप में हुई। पुलिस ने ट्रॉला चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

कई पुलिसकर्मी भी बाल-बाल बचे

 AIIMS doctor returning from the funeral, died with family.

पुलिस के मुताबिक हादसे के बाद कार में फंसे चालक को निकालने के दौरान काफी संख्या में पुलिस मौजूद थी। इसी दौरान करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से एक अन्य स्कॉर्पियो सड़क पर खडे़ पुलिस वालों और उनके वाहनों के काफी करीब से गुजर गई। स्कार्पियो की चपेट में आने से कई पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। जब तक पुलिस अधिकारी कुछ समझ पाते, गाड़ी आंखों से ओझल हो चुकी थी।

एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे हो या फिर यमुना एक्सप्रेस, दोनों पर ओवर स्पीड के कारण ही हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। कुछ लोग हादसों के लिए पुलिस को दोष देते हैं, लेकिन अपनी जान बचाने का दायित्व भी उन्हीं का है। एसपी ने एक्सप्रेसवे पर ओवर स्पीड न चलकर निर्धारित रफ्तार में वाहन चलाने की लोगों से अपील की है।

दो माह पहले कासना-सूरजपुर रोड पर पीथ्री गोलचक्कर के पास तेज रफ्तार वैगनआर कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर कई  हादसे हो चुके हैं। पिछले माह वैगनआर कार सवार दो बच्चों की मौत हादसे में हो गई थी।

यातायात नियमों की पूरी जानकारी जरूरी

 AIIMS doctor returning from the funeral, died with family.

पुलिस के मुताबिक एनसीआर और आसपास क्षेत्र के लोगों को अभी यातायात नियमों की जानकारी नहीं है। विदेशों की तर्ज पर  एक्सप्रेसवे तो बना दिए गए, लेकिन उन पर चलने वालों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सीख नहीं दी गई।

एनसीआर में ओवरटेक करने वाली लेन में लोग कम स्पीड से वाहनों को चलाते हैं, वहीं कुछ  लोग धीमे चलने वाली लेन में जाकर वाहनों को ओवरटेक करते हैं। बहुत कम वाहन चालक हाई बीम और लो बीम का अर्थ जानते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि अगर हादसों का ग्राफ कम करना है तो लोगों को सड़क पर वाहन लाने से पहले यातायात के नियमों का पूरी तरह ज्ञान प्राप्त करना होगा।

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