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एम्स निदेशक ने कहा- कोरोना ने हमे सिखाया उपचार तभी उपयोगी, जब सही समय पर किया जाए
Thu, 22 Oct 2020 10:07 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 22 Oct 2020 10:07 PM IST
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दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया
- फोटो : ANI
दिल्ली एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने प्लाज्मा थैरेपी से कोरोना के मामलों में मृत्यु दर से कमी आने को लेकर कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
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Plasma isn't a magic bullet. We've to position it properly where it may be useful, rather than saying everyone will benefit from it. What we're learning from COVID is that, treatment may be useful if timing is proper: Dr Randeep Guleria, on ICMR's observation on plasma therapy https://t.co/f9XfROYNQc
— ANI (@ANI) October 22, 2020
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उन्होंने कहा कि अभी अधिक डेटा देखने की जरूरत है। आइसीएमआर के अध्ययन में ये बात सामने आई है कि जिन मरीजों को प्लाज्मा दिया गया उनमें पहले से एंटीबॉडी थे। अगर आपके पास पहले से ही एंटीबॉडी हैं, तो इसे बाहर से देने से बहुत फायदा नहीं होता।
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उन्होंने कहा कि प्लाज्मा कोई जादू की गोली नहीं है। हमने इसे ठीक से उपयोग करने की जरूरत है। बजाय की ये कहा जाए की हर कोई इससे लाभान्वित होगा। हमने कोरोना से जो सीखा है, वो ये है कि अगर उपचार तभी उपयोगी है जब सही समय पर किया जाए।