फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   AI to assist from cancer detection to treatment; AIIMS-C-DAC develops AI oncology platform.

Delhi NCR News: कैंसर की पहचान से इलाज तक एआई करेगा मदद, एम्स-सीडैक ने बनाया आई ऑन्कोलॉजी प्लेटफॉर्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 07:33 PM IST
विज्ञापन
शुरुआती पहचान से उपचार की योजना तक डॉक्टरों को मिलेगी मदद, ब्रिक्स देशों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है तकनीक
विज्ञापन


द ब्रिक्स हेल्थ जर्नल में प्रकाशित हुई रिपोर्ट, जिसे 18वें शिखर सम्मेलन में भी प्रस्तुत किया गया

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते कैंसर के बोझ के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक बीमारी की शुरुआती पहचान से लेकर उपचार की योजना और मरीजों के लंबे समय तक प्रबंधन में अहम भूमिका निभा सकती है। इसी दिशा में एम्स दिल्ली और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक), पुणे ने मिलकर आई ऑन्कोलॉजी नाम से एआई प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इस पहल पर द ब्रिक्स हेल्थ जर्नल 2026 में रिपोर्ट प्रकाशित हुई है, जिसे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी प्रस्तुत किया गया।
एम्स के बायोकेमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशोक शर्मा के मुताबिक, यह एआई और मशीन लर्निंग आधारित प्लेटफॉर्म कैंसर से संबंधित अलग-अलग तरह के आंकड़ों को एक जगह एकीकृत करने के साथ शोध और डॉक्टरों को चिकित्सीय निर्णय लेने में सहयोग देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। फिलहाल इसमें भारतीय मरीजों से जुड़े क्लिनिकल, रेडियोलॉजिकल और हिस्टोपैथोलॉजिकल डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है। आगे आनुवंशिक जानकारी समेत मरीज से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं को भी इसमें शामिल करने की योजना है।
विज्ञापन

स्क्रीनिंग से फॉलोअप तक बदल सकता है कैंसर प्रबंधन
आई ऑन्कोलॉजी के संभावित इस्तेमाल का दायरा काफी व्यापक है। इसके जरिये कैंसर की शुरुआती पहचान, मरीज के जोखिम का आकलन, उपचार संबंधी निर्णय में सहयोग और विशेषज्ञों के बीच मरीज की स्थिति की समीक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही, मरीज के स्वास्थ्य संबंधी डेटा को लंबे समय तक व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखने और उसका विश्लेषण करने में भी यह तकनीक मदद कर सकती है। प्लेटफॉर्म को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इससे भविष्य में अलग-अलग स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल रिकॉर्ड के बीच बेहतर समन्वय की संभावना बनती है। हालांकि, विशेषज्ञों ने साफ किया है कि इसे अभी नियमित इलाज में इस्तेमाल होने वाली क्लिनिकली वैलिडेटेड एआई प्रणाली नहीं माना जा सकता। अस्पतालों में व्यापक उपयोग से पहले बहु-केंद्रित अध्ययनों के जरिये इसकी सुरक्षा, सटीकता, उपयोगिता, लागत-प्रभावशीलता और विभिन्न मरीज समूहों में प्रदर्शन का मूल्यांकन करना जरूरी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

2040 तक 23 लाख से ज्यादा नए मामले होने का अनुमान
कैंसर के बढ़ते खतरे के बीच ऐसी तकनीक की जरूरत इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि देश में बीमारी का बोझ लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत में 15,62,581 नए कैंसर मामले सामने आए और 9,01,828 लोगों की मौत हुई। 75 वर्ष की उम्र से पहले कैंसर होने का जोखिम 11.2 फीसदी आंका गया है।
-महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे ज्यादा पाया गया, जिसके 2,37,231 नए मामले दर्ज हुए। ओवेरियन कैंसर के भी 45,566 मामले सामने आए। नए मामलों की संख्या के लिहाज से भारत चीन और अमेरिका के बाद दुनिया में तीसरे स्थान पर है। अनुमान है कि 2040 तक देश में सालाना नए कैंसर मामलों की संख्या करीब 23.3 लाख तक पहुंच सकती है, जो 2024 के मुकाबले लगभग 49 फीसदी अधिक होगी।
ब्रिक्स देशों के लिए भी महत्वपूर्ण पहल
कैंसर का बढ़ता संकट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों में दुनिया की 40 फीसदी से अधिक आबादी रहती है और इन देशों में हर साल करीब 90 लाख नए कैंसर मामले सामने आते हैं। लगभग 46.6 लाख मरीजों की मौत होती है। ज्यादातर ब्रिक्स देशों में महिलाओं में स्तन कैंसर प्रमुख कैंसर है, जबकि प्रोस्टेट कैंसर कई बार उन्नत अवस्था में सामने आता है।

-ऐसे में शुरुआती जांच, जोखिम का वैज्ञानिक आकलन और उपचार की बेहतर योजना के लिए एआई आधारित डिजिटल स्वास्थ्य तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। भारत में कैंसर नियंत्रण के लिए स्क्रीनिंग, तृतीयक स्तर के उपचार और वित्तीय सुरक्षा के साथ डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। भारत की ब्रिक्स में डिजिटल ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed