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आगरा में हुए सेना भर्ती घोटाले में 13 दोषी अभियुक्तों को सीबीआई कोर्ट ने सुनाई सजा
Mon, 24 Dec 2018 04:11 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 24 Dec 2018 04:11 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
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27 साल पहले आगरा के बीआरओ ऑफिस में हुए सेना भर्ती घोटाले के मामले में दोषी ठहराए गए ब्रिगेडियर जगजीत सिंह समेत 13 दोषी अभियुक्तों को आज सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। सजा पर हुई बहस के बाद कोर्ट ने 13 दोषी अभियुक्तों को सजा सुनाई है।
इससे पहले आगरा में हुए सेना भर्ती घोटाले के मामले में शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने तत्कालीन ब्रिगेडियर, उनकी पत्नी, बेटी व सूबेदार मेजर समेत 13 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने 11 अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी करने के आदेश दिया है। दोषी ठहराए गए 13 आरोपियों को डासना जेल भेज दिया है।
सीबीआई के लोक अभियोजक कुलदीप पुष्कर ने बताया कि 27 साल पहले वर्ष 1991 में बीआरओ की भर्ती परीक्षा में घोटाला उजागर हुआ था। आरोप है कि भर्ती घोटाले में सेना के अधिकारियों की साठगांठ से परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया गया। परीक्षार्थियों की उतर पुस्तिका बदल दी गई या कापियां दूसरे लोगों से लिखवाई गई।
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फर्जीवाड़ा उजागर होने पर बीआरओ ने संदिग्ध कापियों को चिह्नित किया और उनके अभ्यर्थियों से पुष्टिकारक टेस्ट कराया गया। परीक्षा देने वाले फेल हो गए। मामले में 1993 में सीबीआई ने देहरादून में केस दर्ज हुआ था। वर्ष 2000 में चार्जशीट दाखिल की गई।
तत्कालीन सेनाध्यक्ष वीपी मलिक की अनुमति लेकर दर्ज हुए इस केस में तत्कालीन ब्रिगेडियर जगजीत सिंह समेत 27 लोगों को आरोपी बनाया गया था। एक आरोपी की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। दो आरोपी उस समय नाबालिग थे। ऐसे में दोनों की फाइल अलग कर दी गई थी। 24 आरोपियों का केस सीबीआई की विशेष अदालत में विचाराधीन है।
शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद की अदालत में सेना भर्ती घोटाले मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने 13 आरोपी तत्कालीन ब्रिगेडियर जगजीत सिंह, उनकी पत्नी उषा बेदी, उनकी बेटी भारती निवासी पठानकोट, सूबेदार मेजर हरीचंद सिंह निवासी आगरा, हवलदार क्लर्क वीरभान निवासी सोनीपत, आशुतोष पांडेय मैनपुरी, प्रमोद कुमार निवासी मथुरा, राजकुमार गौतम निवासी हाथरस, रामकृष्ण निवासी टुंडला, रवेंद्र कुमार निवासी हाथरस, आजाद सिंह निवासी इटावा, परमजीत सिंह निवासी आगरा कैंट एवं नंदकिशोर निवासी जालौन को दोषी करार दिया। अदालत ने ब्रिगेडियर, उनकी पत्नी, बेटी और सूबेदार समेत 13 आरोपियों को जेल भेज दिया।
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इससे पहले आगरा में हुए सेना भर्ती घोटाले के मामले में शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने तत्कालीन ब्रिगेडियर, उनकी पत्नी, बेटी व सूबेदार मेजर समेत 13 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने 11 अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी करने के आदेश दिया है। दोषी ठहराए गए 13 आरोपियों को डासना जेल भेज दिया है।
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सीबीआई के लोक अभियोजक कुलदीप पुष्कर ने बताया कि 27 साल पहले वर्ष 1991 में बीआरओ की भर्ती परीक्षा में घोटाला उजागर हुआ था। आरोप है कि भर्ती घोटाले में सेना के अधिकारियों की साठगांठ से परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया गया। परीक्षार्थियों की उतर पुस्तिका बदल दी गई या कापियां दूसरे लोगों से लिखवाई गई।
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फर्जीवाड़ा उजागर होने पर बीआरओ ने संदिग्ध कापियों को चिह्नित किया और उनके अभ्यर्थियों से पुष्टिकारक टेस्ट कराया गया। परीक्षा देने वाले फेल हो गए। मामले में 1993 में सीबीआई ने देहरादून में केस दर्ज हुआ था। वर्ष 2000 में चार्जशीट दाखिल की गई।
तत्कालीन सेनाध्यक्ष वीपी मलिक की अनुमति लेकर दर्ज हुए इस केस में तत्कालीन ब्रिगेडियर जगजीत सिंह समेत 27 लोगों को आरोपी बनाया गया था। एक आरोपी की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। दो आरोपी उस समय नाबालिग थे। ऐसे में दोनों की फाइल अलग कर दी गई थी। 24 आरोपियों का केस सीबीआई की विशेष अदालत में विचाराधीन है।
शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद की अदालत में सेना भर्ती घोटाले मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने 13 आरोपी तत्कालीन ब्रिगेडियर जगजीत सिंह, उनकी पत्नी उषा बेदी, उनकी बेटी भारती निवासी पठानकोट, सूबेदार मेजर हरीचंद सिंह निवासी आगरा, हवलदार क्लर्क वीरभान निवासी सोनीपत, आशुतोष पांडेय मैनपुरी, प्रमोद कुमार निवासी मथुरा, राजकुमार गौतम निवासी हाथरस, रामकृष्ण निवासी टुंडला, रवेंद्र कुमार निवासी हाथरस, आजाद सिंह निवासी इटावा, परमजीत सिंह निवासी आगरा कैंट एवं नंदकिशोर निवासी जालौन को दोषी करार दिया। अदालत ने ब्रिगेडियर, उनकी पत्नी, बेटी और सूबेदार समेत 13 आरोपियों को जेल भेज दिया।