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Delhi NCR News: यूके वीजा धोखाधड़ी मामले में एजेंट को अग्रिम जमानत
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- आरोपी को 20,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा किया
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने यूके वीजा से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में एक वीजा एजेंट को अग्रिम जमानत दे दी है। आरोपी पर एक महिला और उसकी बेटी से वीजा दिलाने के नाम पर पैसे लेकर धोखाधड़ी करने का आरोप था। अदालत ने फैसला देते हुए कहा कि मामला मुख्य रूप से दस्तावेज और ईमेल आदान-प्रदान पर आधारित है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी ने पेशेवर सेवाएं प्रदान की थीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल पाहुजा ने आदेश दिया कि यदि आरोपी को गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे 20,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा किया जाएगा।
न्यायाधीश ने आरोपी को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं करेगा और जांच में जब भी बुलाया जाएगा, पूरा सहयोग करेगा। यह मामला पटेल नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने यूके वीज़ा दिलाने के नाम पर उससे बड़ी राशि ली और वीज़ा नहीं दिलाया। वकील ने बताया कि वीजा आवेदन यूके के नियमों के अनुसार न होने और इंटरव्यू में असफलता के कारण खारिज हुए थे।
बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी ने पहले भी शिकायतकर्ता की मदद से वीज़ा दिलवाया था और यह मामला दीवानी विवाद को आपराधिक रूप देने का प्रयास है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने एक वरिष्ठ महिला से धोखाधड़ी की है और उससे पूछताछ जरूरी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने यूके वीजा से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में एक वीजा एजेंट को अग्रिम जमानत दे दी है। आरोपी पर एक महिला और उसकी बेटी से वीजा दिलाने के नाम पर पैसे लेकर धोखाधड़ी करने का आरोप था। अदालत ने फैसला देते हुए कहा कि मामला मुख्य रूप से दस्तावेज और ईमेल आदान-प्रदान पर आधारित है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी ने पेशेवर सेवाएं प्रदान की थीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल पाहुजा ने आदेश दिया कि यदि आरोपी को गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे 20,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा किया जाएगा।
न्यायाधीश ने आरोपी को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं करेगा और जांच में जब भी बुलाया जाएगा, पूरा सहयोग करेगा। यह मामला पटेल नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने यूके वीज़ा दिलाने के नाम पर उससे बड़ी राशि ली और वीज़ा नहीं दिलाया। वकील ने बताया कि वीजा आवेदन यूके के नियमों के अनुसार न होने और इंटरव्यू में असफलता के कारण खारिज हुए थे।
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बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी ने पहले भी शिकायतकर्ता की मदद से वीज़ा दिलवाया था और यह मामला दीवानी विवाद को आपराधिक रूप देने का प्रयास है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने एक वरिष्ठ महिला से धोखाधड़ी की है और उससे पूछताछ जरूरी है।
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