जमानत के बाद जेएनयू में खालिद ने भी दिया भाषण, कहा- जेल जाना नहीं है शर्म की बात
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देशद्रोह मामले में आरोपी उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद जेएनयू कैंपस पहुंचे। कैंपस में दोनों के जमानत पर रिहा होने के बाद जश्न मनाया गया।
इस दौरान कन्हैया कुमार की तरह ही जेल से आने के बाद उमर खालिद ने छात्रों को संबोधित किया।
खालिद ने कहा कि जेल जाना शर्म की बात नहीं है। खालिद ने अपने शब्दों में देशद्रोह और राजद्रोह में अंतर समझाया। हमारे आंदोलन को तोड़ने वाले बड़े मुगालते में थे। मैं आपके बीच खड़ा होकर पिछले ड़ेढ महीने से खुद को ज्यादा मजबूत महसूस कर रहा हूं।
हम लोगों को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया, हमें इस बात पर शर्म नहीं है कि हमें इस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया, क्योंकि देश के स्वतंत्रता सेनानी भी इसी आरोप में गिरफ्तार किए गए थे।
जश्न के बाद निकाला विजय जुलूस
खालिद के मुताबिक वे चिल्ला-चिल्लाकर बोलना चाहते हैं कि सरकार के खिलाफ उनका विद्रोह जारी रहेगा। खालिद ने कहा कि क्रिमिनल वो हैं जो पावर में हैं। सत्ता का विरोध करने वालों को हमेशा जेल में डाला गया।
इतना ही नहीं खालिद ने अपने भाषण में पीएम मोदी और शिव सेना के प्रमुख बाला साहब ठाकरे पर भी निशाना साधा। इस दौरान जेएनयू में विजय जुलूस भी निकाला गया। कैंपस में आरएसएस विरोधी नारे भी लगाए गए।
इससे पहले संपादित देशद्रोह के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य जमानत मिलने के बाद शुक्रवार देर शाम तिहाड़ जेल से निकले।
पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिलने के बाद देर शाम करीब आठ बजे जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को तिहाड़ से निकाला गया। तिहाड़ जेल के एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल (एआईजी) मुकेश प्रसाद ने बताया कि जमानत के पेपर और जरूरी कागजात की जांच-पड़ताल के बाद दोनों तिहाड़ से निकले। दोनों के दोस्त तिहाड़ के गेट पर पहले से खड़े थे।