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भड़काऊ बयानों के बाद भी परिजनों को गांव पर भरोसा

Fri, 09 Oct 2015 09:10 AM IST
Updated Fri, 09 Oct 2015 09:10 AM IST
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after the Provocative statements family of akhlaq trust on village

जरा जहर बुझे बयानों के तेवर तो देखिये। हिंदू वाहिनी वाले खुलेआम हम गांव के बाहर ऐलान करते हैं, हम हिंदुओं की तन-मन-धन-गन से मदद करने में पीछे नहीं हटेंगे।

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साध्वी प्राची का कहना है, हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, माहौल बिगाड़ने के लिए एक करोड़ रुपये दिए गए। भाजपा नेता संगीत सोम कहते हैं, निर्दोष लड़कों को फंसाया गया है हम मुंहतोड़ जवाब देंगे।

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एआईएमआईएम के असादुद्दीन ओवैसी का कहना है कि हत्या धर्म के आधार पर की गई है और इसे सहन नहीं किया जा सकता। और यही नहीं हैं, ऐसे बहुत सारे माहौल खराब करने वाले बयान इस मामले में दिए गए जिनका मकसद शायद बस अपनी कुंद पड़ी राजनीति को धार देना था।

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हमने अपना भाई खोया है

after the Provocative statements family of akhlaq trust on village

इसे समझना आसान है, नफरत की राजनीति करने वालों को सामने नजर आ रहा है पंचायत चुनाव और फिर लगभग डेढ़ साल बाद होने वाला विधानसभा चुनाव।


और उनका क्या कहना है जो पीड़ित है? अकलाख के बड़े भाई जमील बड़ी संजीदगी से कहते हैं...हमारी पांच पीढ़ियां यहां रही हैं, हम इस गांव को कैसे छोड़ सकते हैं।

एक और भाई जान मोहम्मद ने बुधवार को प्रशासन द्वारा बुलाई सद्भावना बैठक में साफ कहा, हमने अपना भाई खोया है, इसे भुलाने में समय लगेगा पर हम गांव नहीं छोड़ेंगे। अगर इतने बड़े हादसे के बाद भी मैं सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खड़ा हूं तो आप लोगों को भी आगे आना होगा।

हम नहीं चाहते मुस्लिम परिवार गांव छोड़कर कहीं भी जाएं।

after the Provocative statements family of akhlaq trust on village

जमील कहते हैं हो सकता है घटना को भूलने के लिए हम दो चार महीने के लिए कहीं चले जाएं पर वापस तो यहीं आएंगे। और गांव वाले भी इसमें अपना योगदान देने के लिए तैयार दिखते हैं।


उनका कहना है जो हुआ सही नहीं था, हम नहीं चाहते मुस्लिम परिवार गांव छोड़कर कहीं भी जाएं। जैसे-जैसे नेताओं की भीड़ गांव में कम हो रही है माहौल में सुधार भी साफ नजर आता जा रहा है।

दानिश की हालत में अब सुधार है। बृहस्पतिवार को दानिश को आईसीयू से एचडीओ (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) में शिफ्ट किया गया। सरताज ने फोन पर डॉक्टरों को वार्ड शिफ्ट करने की मंजूरी दी। साथ ही अपने बहनोई को दानिश की देखरेख के लिए अस्पताल भेजा।

हालांकि, अभी पुलिस और मीडिया को दानिश से बात करते की अनुमति नहीं मिली है। कैलाश अस्पताल के आईसीयू हेड डॉ. अनिल गुरनानी ने कहा कि दानिश की स्थिति में अगर और सुधार आता है तो दो-तीन दिन में जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

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