कॉलेज छात्र की हत्या के बाद बहादुरगढ़ में बवाल
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हरियाणा के बहादुरगढ़ में गत शनिवार को अपहृत किए गए यहां के पीडीएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्र नितिन की मंगलवार को हत्या कर दी गई। पहचान न होने देने के लिए हत्यारों ने शव को एचआईआईडीसी के पास सड़क किनारे डालकर आग लगा दी।
परिजनों को सूचना मिली तो वहां भारी भीड़ इकट्ठी हो गई। अपहरण के बाद की गई पुलिस कार्रवाई से नाराज परिजनों ने नगर में जगह-जगह रोड जाम कर दिए। हजारों वाहन जाम में फंस गए। शव को दिनभर उठाने नहीं दिया गया। गुस्साए लोगों ने हरियाणा रोडवेज की एक बस फूंक डाली।
शुक्रवार की सुबह सेक्टर-6 निवासी नितिन पुत्र नरेश कुमार अपनी मोटर साइकिल द्वारा घर से पीडीएम कॉलेज के लिए निकला था। मगर शाम तक घर वापस न पहुंचने पर परिजनों ने उसकी खोज की। नितिन का मोबाइल भी बंद मिला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
परिजनों के पास अपहरणकर्ताओं का फोन आया और उन्होंने नितिन को छोड़ने के बदले एक करोड़ रुपये फिरौती मांगी। परिजनों का आरोप है कि सारे घटनाक्रम को पुलिस को बता दिया गया। मृतक नितिन के पिता नरेश का कहना है कि पुलिस के कहने पर ही दिल्ली से सटे यूपी के कोशाम्बी के पास अपहरणकर्ताओं को फिरौती की रकम दी गई थी।
पुलिस के कहने पर ही फिरौती की रकम दी गई
नितिन के फोन से अपहरणकर्ता लगातार उनसे बातचीत कर रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस का साइबर सेल क्या कर रहा था। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया था कि फिरौती की रकम देते ही अपहरणकर्ताओं के कब्जे से नितिन को छुड़ा लिया जाएगा।
पुलिस के सामने ही बाइक पर सवार 2 युवक तय स्थान से फिरौती की रकम लेकर गए थे। अपहरणकर्ताओं ने भी परिजनों को सोमवार की शाम नितिन को सकुशल घर पहुंचाने का आश्वासन दिया था। मगर मंगलवार की सुबह नितिन का शव जली हुई अवस्था में उसकी मोटरसाइकिल से बंधा हुआ मिला।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे, इसके बाद नितिन के परिजन व भारी संख्या में लोग वहां पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नितिन के शव को उठाने नहीं दिया। गुस्साए परिजनों ने हाइवे को जाम कर दिया। जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई।
परिजनों का कहना था कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो नितिन जिंदा होता। मगर पुलिस ने इस मामले को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। पुलिस की लापरवाही के कारण यह सब हुआ है। वहीं एसपी बलबीर सिंह का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। नितिन पीडीएम कालेज के मेकेनिकल इंजीनियरिंग का तृतीय वर्ष का छात्र था।