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NGT ने जारी किए गाइडलाइन्स, 4 करोड़ लगाया जुर्माना, प्रदूषण का स्तर जस का तस

Mon, 04 Dec 2017 11:13 AM IST
सुशील पांडेय, अमर उजाला, नोएडा
सुशील पांडेय, अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 04 Dec 2017 11:13 AM IST
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after the guidelines issued by NGT pollution situation in the city is continue bad

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए दिल्ली-एनसीआर के लिए दिशानिर्देश जारी किए। एजेंसियों ने भी एनजीटी का साथ दिया और दिशानिर्देश के उल्लंघन पर जमकर जुर्माना भी लगाया। बावजूद हालात जस के तस बने हैं।

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आलम यह है कि एक वर्ष में नोएडा प्राधिकरण ने एनजीटी के निर्देश न मानने के कारण करीब चार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया, लेकिन प्रदूषण कम नहीं हो पाया।

प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए जितनी भी जरूरी कवायद एनजीटी ने करने को कहा सब की गई। सबसे ज्यादा बिल्डर साइट पर औचक निरीक्षण किया गया। यहां खुले में हो रहे निर्माण, निर्माण सामग्रियों को ढककर नहीं रखने, साइट के पास पानी का छिड़काव नहीं करने से धूल उड़ने पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला गया।
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यही नहीं सड़कों पर ढककर निर्माण सामग्री नहीं ले जाने पर भी ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा छोटे-छोटे ठेकेदारों व निजी तौर पर मकान बना रहे लोगों से भी 5 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला गया। जगह-जगह कूड़ा जलाने पर भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों पर भी प्रदूषण पर लगाम न लगा पाने से जुर्माना लिया गया।

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24 घंटे में नोएडा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा

after the guidelines issued by NGT pollution situation in the city is continue bad

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 24 घंटों के औसत आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। नोएडा के दो केंद्रों पर प्रदूषण की जांच करने के बाद पीएम10 का स्तर 414 और 159 रहा। वहीं, पीएम2.5 का स्तर 435 और 330 रहा, जो औसत से ज्यादा है।

बिल्डर साइट पर उल्लंघन जारी
जुर्माना होने के बावजूद भी निर्माण साइट पर अभी भी एनजीटी के दिशानिर्देश जमकर उल्लंघन हो रहा है। यहां खुले में निर्माण कार्य के अलावा रेत ढोने में लापरवाही और पानी का छिड़काव नहीं कराने से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। वहीं, प्रदूषण के बढ़ रहे स्तर के बाद लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। हाल ही में शहर में कूड़ा जलाने के मामले में भी सामने आए हैं।

सैकड़ों लीटर पानी से भी नहीं हुआ फायदा
नोएडा प्राधिकरण ने अपनी ओर से कवायद करते हुए सड़कों के किनारे और मुख्य सड़कों पर पानी के छिड़काव में सैकड़ों टैंकर पानी बहाया। पेड़ पौधों को भी से साफ किया, लेकिन कुछ देर तक तो ठीक रहा। बाद में प्रदूषण फिर बढ़ गया।

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