प्रद्युम्न हत्याकांड : अब CBSE स्कूलों में पता चलेगी स्टाफ की क्रिमिनल सोच, होगा साइको टेस्ट
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सीबीएसई बोर्ड से सिक्युरिटी सेक्टर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल (एसएसएसडीसी) द्वारा लेटर लिख कहा गया है कि स्कूलों में स्टाफ के साइकोमेट्रिक टेस्ट कराने में काउंसिल भागीदार बनेगा। यह मांग भारत सरकार के कौशल विकास मंत्रालय के तहत रखी गई है।
काउंसिल ने यह भी कहा कि 3 दिन के शार्ट टर्म कोर्स द्वारा सीबीएसई स्कूलों के मैनेजर या प्रिंसिपल को भी साइकोमेट्रिक टेस्ट के लिए ट्रेंड कर दिया जाएगा। इस टेस्ट का यही फायदा होगा कि क्रिमिनल सोच रखने वाले स्टाफ का पता चल जाएगा। यह कदम 8 सितंबर को गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के प्रद्युम्न की गला रेतकर हत्या करने के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
एक नजर SSSDC के रोडमैप पर
-SSSDC के चेयरमैन कुंवर विक्रम सिंह के अनुसार, काउंसिल के पास सिक्युरिटी को स्किल्ड करने का पूरा रोडमैप है। निजी स्कूलों में सभी को बिना टेस्ट के रखा जाता है।
-सिक्युरिटी ऑडिट के साथ साथ साइकोमेट्रिक टेस्ट भी जरूरी है। बोर्ड ने स्कूलों से दो माह में पुलिस से यह टेस्ट खत्म कराने को कहा है।
कैसे होता है साइकोमेट्रिक टेस्ट?
-साइक्लोजिस्ट एक्सपर्ट को शामिल कर प्रश्नों के आधार पर शख्स की आदतों का ईवैल्युएशन करते हैं।
-शख्स क्रिमिनल मेंटलिटी का है या नहीं इस टेस्ट से पता लगाया जाता है।
-क्रिमिनल मेंटलिटी के अलावा झूठा...काम के प्रति लगन है या नहीं...कामचोर तो नहीं है...नशा करता है तो उसका इफेक्ट क्या है...पोर्नक्लिप देखने पर उसमें क्रिमनल इमोशंस तो नहीं आते, जैसी बातें भी पता चल जाती हैं।
क्यूं उठी साइकोमेट्रिक टेस्ट की मांग
-गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के प्रद्युम्न की हत्या के बाद सरकार द्वारा सभी स्कूलों की सिक्युरिटी ऑडिट करने का ऑर्डर मिला है।
-सरकार ने यह भी आदेश दिए कि सभी स्कूल अपने स्टाफ की मेंटल हेल्थ का पता साइकोमेट्रिक टेस्ट करवा कर करें।
-SSSDC का काम ही देश में सुरक्षा में लगे लोगों को ट्रेनिंग देना है।
बैठक में यह फैसले भी लिए गए
रायन जैसा हदसा हुआ तो कौन जिम्मेदार
मंगलवार को बैठक के दौरान साउथ दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने कहा कि अगर रायन जैसा हादसा किसी भी स्कूल में हो तो स्कूल के प्रिंसिपल, टीचर और दूसरे इम्प्लॉई ही जिम्मेदार होंगे।
-सभी CBSE स्कूलों के प्रिंसिपल और मैनेजमेंट कमेटी को स्कूल के अन्य स्टाफ के साथ मिलकर स्टैडर्ड सिक्युरिटी रूल्स के अनुसार ही सिक्युरिटी ऑडिट तय करना होगा।
-स्टाफ के कैरेक्टर और बीहेवियर की जांच की जाएगी
-गेस्ट को लिए इंट्री के लिए रजिस्टर करना होगा और आने जाने का समय तय किया जाएगा।
-नोटिस बोर्ड पर स्थानीय थाने, बीट ऑफिसर और पुलिस कंट्रोल रूम का फोन नंबर लिखा होना चाहिए।