कन्हैया, खालिद और अनिर्बन के बाद 22 लोगों की पहचान
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दक्षिण जिला पुलिस ने जेएनयू में 9 फरवरी को हुए विवादित कार्यक्रम में शामिल करीब 22 लोगों की पहचान कर ली है। इनमें कुछ बाहरी लोग भी हैं।
इनके नाम कन्हैया कुमार, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य से आमने-सामने बैठाकर शुक्रवार को हुई पूछताछ में सामने आए हैं। पुलिस की जांच से लग रहा है कि जामिया मिलिया व कश्मीर यूनिवर्सिटी के छात्रों को आरोपी बनाया जा सकता है।
जेएनयू के कुछ प्रोफेसर के नाम भी सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि कुछ अन्य लोगों की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। गौरतलब है कि वीडियो क्लीपिंग को देखकर कई आरोपियों की पुलिस ने पहले ही पहचान कर ली थी।
रात 12 बजे कन्हैया को पूछताछ के लिए तिहाड़ लाया गया
पुलिस जांच में ये बात सामने आ रही है कि जेएनयू के कुछ प्रोफेसर ने इन तीनों आरोपियों समेत आशुतोष कुमार, अनंत प्रकाश और रामा नागा की छिपने में मदद की थी।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों ने तीनों से बृहस्पतिवार रात व शुक्रवार को दिनभर पूछताछ की। तीनों को आमने-सामने और अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की गई।
बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे कन्हैया कुमार को पूछताछ के लिए तिहाड़ जेल से लाया गया था। तीनों से रात में करीब पांच घंटे और शुक्रवार को सुबह साढ़े दस बजे के बाद पूछताछ की गई।
दक्षिण जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिन 22 लोगों की पहचान की गई, इन्हें जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि पुलिस उन चार लोगों की पहचान नहीं कर सकी है जिन्होंने कार्यक्रम में चेहरे को ढका हुआ था।
आरोपी अलग-अलग समय पर अलग-अलग बयान दे रहे हैं
माना जा रहा है कि ये चारों बाहर के थे, जिन्होंने देशविरोधी नारे लगाए। दिल्ली पुलिस इस मामले में जेएनयू की हाईलेवल कमेटी की रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है।
जेएनयू गेट के सामने से शुक्रवार को ज्यादातर सुरक्षा बलों को हटा लिया गया। जेएनयू गेट पर तैनात बीएसएफ व सीआरपीएफ को हटा लिया गया था। अब जेएनयू गेट पर दिल्ली पुलिस के ही कुछ जवान तैनात हैं।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी अलग-अलग समय पर अलग-अलग बयान दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि उमर खालिद ने पूछताछ कर रहे पुलिस अधिकारियों के सामने सबअल्टर्न स्टडीज दक्षिण एशिया में विकास की अवधारणा को सामने रखा। इससे जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों का सिर घूम गया। अवधारणा को रखकर उसने जो नारे लगाए उसे उचित ठहराने का प्रयास किया।