सरपंच बनने के बाद कहा मेरे स्टेटस की नहीं पत्नी, बच्चों संग बीवी को घर से निकाला
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नूंह में सरपंच बनने के बाद एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी तथा दो बच्चों को घर से निकाल दिया। आरोप है कि पत्नी का दोष सिर्फ इतना था कि वह अनपढ़ है। पति ने उसे स्टेटस के मुताबिक दहेज ना लाने और अनपढ़-जाहिल बताकर मारपीट कर घर से निकाला है।
इस बारे में महिला के पिता ने करीब 10 दिन पहले शिकायत एसपी को दी, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण सीएम विंडो पर अपनी दर्खास्त लगाई है।
शुक्रवार को उपायुक्त मेवात से भी पीड़ित महिला ने गुहार लगाई। लुहिंगाकलां निवासी रोशन ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने अपनी लड़की फिरदोस की शादी 29 मई 2006 को की थी।
शादी के बाद उसे एक लड़का व एक लड़की हुई। उसका दामाद हाल ही में सरपंच बना है। आरोप है कि सरपंच बनने के बाद उसने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और उसे ताना दिया कि वह अनपढ़ है तथा उसके स्टेटस की नहीं है।
सीएम विंडो में भी की पति की शिकायत
सरपंच ने अपनी पत्नी को दो बच्चों सहित घर से निकाल दिया। मारपीट को लेकर महिला ने एक शिकायत पिनगवां चौकी में दी तथा मेडीकल जांच कराई, महिला थाने में भी शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
महिला ने 10 दिन पहले पुलिस कप्तान को भी शिकायत की। उसके बाद उसने सीएम विंडो में दर्खास्त लगाई और शुक्रवार को उपायुक्त से मिलकर गुहार लगाई। उपायुक्त मनीराम शर्मा ने मामले की जांच के आदेश करते हुए महिला को आश्वस्त किया कि उसे न्याय दिलाया जाएगा।
वहीं आरोपी सरपंच ने इस मामले को झूठा व बेबुनियाद बताया है। उन्होंने बताया शिकायतकर्ताओं ने पहले उसके छोटे भाई का अपहरण कर लिया था, जिसका मुकदमा भी पुन्हाना थाने में दर्ज है। उसी मामले में दबाव बनाने के लिए यह किया जा रहा है।