सुप्रीम कोर्ट के बैन के बाद पटाखा बेचने के लिए विक्रेताओं ने निकाला 'चोर रास्ता'
गोदामों पर दबिश, बाजारों में बिक रहे पटाखे
- कॉलोनियों के लोग भी घरों में बेच रहे पटाखे
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों की बिक्री पर पाबंदी के बाद प्रशासन ने जिले के पटाखा गोदामों पर दबिश तेज कर दी है। कादीपुर और गाड़ौली में गोदामों पर पूरे दिन पुलिस पीसीआर गश्त कर रही है। वहीं प्रशासन की तरफ से अधिकारियों द्वारा अखबार हाथ में लेकर फोटो खींचकर आला अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए हैं।
गोदामों पर दबिश के बावजूद कई कारोबारियों ने चोर रास्ते निकाल लिए है तो कुछ जगहों पर खुले में पटाखा बेचा जा रहा है। शहर के छोटे बाजारों में दुकानदार दुकानों पर सजा कर पटाखे बेच रहे हैं।
एनसीआर में दिवाली पर पटाखे बिक्री पर पाबंदी हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को डाली गई याचिका से कुछ राहत की उम्मीद थी, लेकिन याचिका खारिज होने के साथ ही अब कारोबारी अपने पटाखा स्टॉक खपाने को लेकर रणनीति बनाने में लगे हुए हैं।
अब भी है ग्राहक की तलाश
शहर में करीब 20 पटाखा गोदाम हैं। इससे सैकड़ों लोग जुड़े हुए हैं, जो पिछले कई वर्षों से इस व्यापार को करते आ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कई पटाखा विक्रेताओं ने पहले ही अपने स्टॉक से माल निकालकर ठिकाने लगा दिया है।
अब घरों और छोटे दुकानों के जरिये पटाखा बेचा जा रहा है। सदर बाजार के आसपास कॉलोनियों में जिन दुकानदारों के पास पुराना स्टॉक घरों में रखा है, वहां स्टॉल लगाकर इसे बेचा जा रहा है। अशोक विहार के पास पेट्रोल पंप के आगे एक दुकान में सजाकर इसे बेचा जा रहा है।
कादीपुर, गड़ौली समेत अन्य जगहों पर अब भी पटाखा कारोबारियों को ग्राहक की तलाश है। शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने गोदामों की स्थिति का जायजा लिया तो वहां पर गोदामों के बाहर पहले की तरह ही बैनरों से मार्केट सजी हुई थी, जबकि एसडीएम द्वारा सभी गोदाम मालिकों को बैनर हटाने के आदेश दिए गए थे। सूत्रों की मानें तो कुछ लोग पटाखा गोदामों के अंदर रहते हैं। कुछ विश्वास पात्र के जरिए पुराने स्टॉक से माल खपा रहे हैं।
विनय प्रताप, उपायुक्त: जिले में सभी उपमंडल स्तर पर टीम बना दी गई है। जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। यदि कहीं पटाखा बिक रहा है तो वहां पर कार्रवाई की जाएगी।