'आखिर दिल्ली सरकार को कौन परेशान कर रहा है?'
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दिल्ली सरकार का विज्ञापन ‘वो परेशान करते रहे, हम काम करते रहे।’ आखिर किस की और इशारा कर रहा है। सरकार को आखिर कौन परेशान कर रहा है।
क्या उसे न्यायपालिका से परेशानी है या फिर केंद्र सरकार या फिर किसी अन्य से। यह तथ्य सरकार के विज्ञापन को चुनौती देने वाले याची के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष उठाया।
न्यायमूर्ति वीपी वैश के समक्ष याची एनजीओ न्याय पथ के अधिवक्ता चेतन शर्मा ने कहा कि ‘आप’ सरकार इस विज्ञापन अभियान पर आम लोगों द्वारा आयकर के रूप में दिए जा रहे पैसों का बेजा इस्तेमाल कर रही है।
'ये हिटलर के सम्राज्य जैसा अभियान'
यह अभियान ऐसा है जैसे हिटलर अपना साम्राज्य चलाने के लिए करता था। ‘आप’ सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर पर किस पर निशान साध रही है।
सरकार को आखिर कौन परेशान कर रहा है। उसने यह विज्ञापन किस के खिलाफ जारी किया है। क्या सरकार को विधायक तोमर को जेल भेजने पर न्यायपालिका से परेशानी है या फिर कानून के तहत काम करने वाली केंद्र सरकार से परेशानी है या फिर किसी अन्य से।
वह सरकारी पैसे से किसी पर कैसे आरोप लगा सकती है। यह विज्ञापन हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विज्ञापन मामले में दिए फैसले का भी उल्लंघन है। इसलिए विज्ञापन पर तुरंत रोक लगाई जाए। अदालत ने अब मामले की सुनवाई 20 जुलाई तय की है।