{"_id":"59e39d734f1c1bee688b5d9e","slug":"after-all-what-is-triple-c-who-is-scaring-the-talwar-couple","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आखिर क्या है वो ‘ट्रिपल-सी’ जिससे डरे हुए हैं तलवार दंपति, जेल से बाहर होने के बाद भी करेंगे पीछा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर क्या है वो ‘ट्रिपल-सी’ जिससे डरे हुए हैं तलवार दंपति, जेल से बाहर होने के बाद भी करेंगे पीछा
Mon, 16 Oct 2017 09:44 AM IST
राहुल कुमार/अमर उजाला, गाजियाबाद
राहुल कुमार/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 16 Oct 2017 09:44 AM IST
विज्ञापन
1 of 7
arushi talwar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
राजेश और नूपुर तलवार को सोमवार को डासना जेल से रिहाई से पहले ‘ट्रिपल-सी’ डरा रहा है। इन दोनों को डर है कि पहले की तरह ही यह ट्रिपल-सी उनका पीछा नहीं छोड़ेगा।
अंतिम क्लास में भावुक हुई नुपूर, संडे को भी लगी क्लास
2 of 7
file photo
- फोटो : अमर उजाला
‘ट्रिपल-सी’ यानी कैमरा, कोर्ट और कॉमन मैन । ऐसे में, जेल अधीक्षक ने तलवार दंपती की सुरक्षा व कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए एसएसपी से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की है। सोमवार को जेल के बाहर करीब 50 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
3 of 7
arushi talwar
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही रिजर्व पुलिस को भी तैयार रखने के निर्देश दे दिए हैं। ट्रिपल-सी का पहला डर है कैमरा यानी मीडिया। मीडिया इंवेस्टिगेशन ने ही आरुषि हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही की पोल खोली थी। दूसरा डर है कोर्ट। दंपती को लगता है कि सीबीआई हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
arushi talwar
तीसरा डर कॉमन मैन यानी जनता है। वह सशंकित है कि समाज उन्हें किस तरह से लेगा। स्वीकार करेगा भी या नहीं। उन्हें बेटी की हत्यारों की नजरों से तो नहीं देखा जाएगा। जेल अधीक्षक दधीराम मौर्य ने बताया कि तलवार दंपती की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए एसएसपी हरिनारायण सिंह की ओर से पुलिस बल मुहैया कराया गया है।
विज्ञापन
5 of 7
arushi talwar
जेल में तीन साल, 11 महीने और 18 दिन रहकर नूपुर तलवार ने बंदियों बच्चों को पढ़ाया है। उन्होंने रविवार को भी जेल में बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान वह अपनी अंतिम क्लास में भावुक हो गईं। जेल अधीक्षक की मानें तो जेल में नूपुर का मेहनताना करीब 32 हजार रुपये बना है, जो उन्होंने लेने से इंकार कर दिया।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।