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गर्मी की दोहरी मार: एसी-कूलर के बाद पंखों के दामों को लगे पंख, 10 फीसदी तक उछाल; जानें महंगाई की वजह
Sun, 10 May 2026 11:30 PM IST
Akash Dubey
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
Published by: Akash Dubey
Updated Sun, 10 May 2026 11:30 PM IST
सार
इलेक्ट्रॉनिक संघ के व्यापारियों का कहना है कि कच्चे तेल और प्लास्टिक दानों की महंगाई से पंखों के दाम 10-15 फीसदी बढ़े हैं। जो पंखा 3000 का था अब वह 3300 रुपये का हो गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
एसी-कूलर के बाद अब पंखों के दामों को भी पंख लग गए हैं। जो पंखा तीन हजार का था वह अब 3300 रुपये का हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक एसोसिएशन के व्यापारियों का कहना है कि महंगाई के पीछे क्रूड ऑयल और एलपीजी सिलिंडर की किल्लत प्रमुख वजह है।
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गाजियाबाद में करीब 52 हजार मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं। इनमें से 250 फैक्टरियों में पंखे, कूलर और एग्जास्ट पंखे तैयार होते हैं। हर महीने एक लाख से ज्यादा कूलर और 80 हजार से ज्यादा पंखे देश के कोने-कोन में भेजे जाते हैं। रसोई में गर्मी न लगे इसके लिए एग्जास्ट पंखों की बिक्री हजारों में होती है।
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इलेक्ट्रॉनिक एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप गर्ग का कहना है कि प्लास्टिक के दानों से तैयार होने वाले सभी इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर 10-15 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। सीलिंग फैन और टेबल फैन सभी के रेट बढ़ गए हैं। एग्जास्ट पंखा जो 1800 का था वह 2000 रुपये में बिक रहा है।
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कूलर एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपीचंद का कहना है कि मार्च से ही कारोबार पर संकट चल रहा है। होर्मुज के साथ ही मौसम भी व्यापारियों की परीक्षा ले रहा है। अप्रैल और मई में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने कूलर, एसी और पंखों के बाजार को ठंडा कर दिया है। इस बार कारोबारियों को लागत निकालना मुश्किल हो रहा है।