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5 मरीजों की मौत के बाद काम पर लौटे सफदरजंग अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर, दिनभर मची चीख-पुकार
Tue, 15 Jan 2019 11:20 AM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 15 Jan 2019 11:20 AM IST
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safdarjung hospital
- फोटो : अमर उजाला
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डॉक्टर से मारपीट के विरोध में सफदरजंग अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों के सोमवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर होने से मरीजों की जान पर बन आई। इलाज नहीं मिलने के कारण मरीज दिनभर परेशान रहे। इस दौरान पांच मरीजों की मौत हो गई।
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मृतकों के परिजनों ने समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाया। इन सब के बीच देर शाम डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर दी और रात 8 बजे काम पर लौट आए।
समय पर इलाज नहीं मिलने से मरने वालों में ज्यादातर गंभीर मरीज थे, जो हड़ताल से दो दिन पहले भर्ती हुए थे। मरीज और तीमारदार इधर-उधर भटकते रहे। अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह असहाय बना रहा। मृतकों में बिहार के किशन मुरारी, यूपी बदायूं के राजू, दिल्ली के प्रिंस (8) और 20 वर्षीय युवती के अलावा गुरुग्राम से रेफर एसिड पीड़ित एक मरीज शामिल हैं।
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हड़ताली डॉक्टरों का कहना था कि मरीजों की मौत होना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उनकी वजह से किसी की जान नहीं गई है। गौरतलब है कि रविवार को दिल्ली पुलिस के हवलदार के बेटे ने रेजिडेंट डॉक्टर से मारपीट कर उनकी नाक की हड्डी तोड़ दी थी। इसके विरोध में करीब 1600 डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे।
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