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Delhi : रोबोटिक मशीन से आरएमएल में होगी एडवांस सर्जरी, मरीजों की रिकवरी होगी तेज; मिलेगी बेहतर उपचार सुविधा
Sun, 13 Jul 2025 02:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
राकेश शर्मा, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 13 Jul 2025 02:04 AM IST
सार
डॉक्टरों का कहना है कि विभाग में रोबोटिक सर्जरी के लिए स्टाफ प्रशिक्षित हो चुके हैं। मशीन के आने के बाद तुरंत सर्जरी शुरू हो सकेगी।
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आरएमएल
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
एम्स, सफदरजंग के बाद डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में जल्द रोबोटिक मशीन से एडवांस सर्जरी हो सकेगी। इस मशीन के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। उम्मीद है कि पहले एक मशीन उपलब्ध होगी। जरूरत के आधार पर मशीन की संख्या को बढ़ाया भी जा सकेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि आरएमएल के यूरोलॉजी विभाग में अभी प्रोस्टेट कैंसर सहित अन्य एडवांस सर्जरी सामान्य तरीके से होती है। इसमें बड़ा चीरा लगाना पड़ता है। इन सर्जरी के बाद मरीजों को गंभीरता के आधार पर एक-दो सप्ताह के लिए डॉक्टरों की निगरानी में रखना पड़ता है।
जबकि रोबोटिक सर्जरी में छोटे से छेद की मदद से सर्जरी की जा सकेगी। इससे खून का रिसाव कम होगा। मरीज की रिकवरी तेज होगी। साथ ही कम समय अस्पताल में रहना होगा। इससे सर्जरी के स्तर में सुधार होगा साथ ही मरीजों का इंतजार भी कम होगा।
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वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि विभाग में रोबोटिक सर्जरी के लिए स्टाफ प्रशिक्षित हो चुके हैं। मशीन के आने के बाद तुरंत सर्जरी शुरू हो सकेगी। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया को तीन से चार माह में पूरा कर मशीन उपलब्ध करवा दी जाएगी।
नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में सुविधा
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यूरोलॉजी विभाग रोबोटिक मशीन से सर्जरी की सुविधा नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में शुरू करेगा। इस ब्लॉक में विभाग को 40 बिस्तर दिए गए हैं। ब्लॉक का काम लगभग पूरा हो गया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस ब्लॉक को शुरू किया जा सकता है। हालांकि इस ब्लॉक का निर्माण काफी देरी से चल रहा है।
तीन से चार माह का इंतजार
डॉक्टरों का कहना है कि अभी यूरोलॉजी विभाग में सर्जरी के लिए तीन माह से एक साल तक की वेटिंग है। रोबोटिक सर्जरी शुरू होने के बाद सर्जरी की संख्या बढ़ेगी और उम्मीद है कि जल्द वेटिंग भी घटकर आधी से कम हो जाएगी।
अस्पताल में हर साल विभाग में हजारों मरीज प्रोस्टेट कैंसर, गुर्दे की सर्जरी सहित अन्य सर्जरी करवाने आते हैं। इसे देखते हुए साल 2019 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोबोटिक मशीन खरीदने के लिए बजट पास किया था।
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विशेषज्ञों का कहना है कि आरएमएल के यूरोलॉजी विभाग में अभी प्रोस्टेट कैंसर सहित अन्य एडवांस सर्जरी सामान्य तरीके से होती है। इसमें बड़ा चीरा लगाना पड़ता है। इन सर्जरी के बाद मरीजों को गंभीरता के आधार पर एक-दो सप्ताह के लिए डॉक्टरों की निगरानी में रखना पड़ता है।
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जबकि रोबोटिक सर्जरी में छोटे से छेद की मदद से सर्जरी की जा सकेगी। इससे खून का रिसाव कम होगा। मरीज की रिकवरी तेज होगी। साथ ही कम समय अस्पताल में रहना होगा। इससे सर्जरी के स्तर में सुधार होगा साथ ही मरीजों का इंतजार भी कम होगा।
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वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि विभाग में रोबोटिक सर्जरी के लिए स्टाफ प्रशिक्षित हो चुके हैं। मशीन के आने के बाद तुरंत सर्जरी शुरू हो सकेगी। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया को तीन से चार माह में पूरा कर मशीन उपलब्ध करवा दी जाएगी।
नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में सुविधा
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यूरोलॉजी विभाग रोबोटिक मशीन से सर्जरी की सुविधा नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में शुरू करेगा। इस ब्लॉक में विभाग को 40 बिस्तर दिए गए हैं। ब्लॉक का काम लगभग पूरा हो गया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस ब्लॉक को शुरू किया जा सकता है। हालांकि इस ब्लॉक का निर्माण काफी देरी से चल रहा है।
तीन से चार माह का इंतजार
डॉक्टरों का कहना है कि अभी यूरोलॉजी विभाग में सर्जरी के लिए तीन माह से एक साल तक की वेटिंग है। रोबोटिक सर्जरी शुरू होने के बाद सर्जरी की संख्या बढ़ेगी और उम्मीद है कि जल्द वेटिंग भी घटकर आधी से कम हो जाएगी।
अस्पताल में हर साल विभाग में हजारों मरीज प्रोस्टेट कैंसर, गुर्दे की सर्जरी सहित अन्य सर्जरी करवाने आते हैं। इसे देखते हुए साल 2019 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोबोटिक मशीन खरीदने के लिए बजट पास किया था।