एडॉप्शन रैकेट का भंडाफोड़, चार पर चलेगा केस
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डॉक्टर ने महिला को बच्ची बेचकर उसके पक्ष में फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हिमानी मल्होत्रा ने अभियोजन पक्ष की याचिका स्वीकार करते हुए अपना फैसला सुनाया।
अभियोजन ने आरोपियों के पक्ष में मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को सत्र अदालत में चुनौती दी थी। सत्र अदालत ने आरोप तय करते हुए कहा इस बात के पर्याप्त साक्ष्य है कि आरोपी डॉक्टर अतुल थापर ने बच्ची को महिला की बेटी साबित करने के लिये फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
नर्सिंग होम में जन्मी बच्ची के साथ कांड
डॉक्टर ने कमलेश नर्सिंग होम में जन्मी बच्ची के बारे में एमसीडी को ऑनलाइन झूठी जानकारी दी ताकि बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र हासिल किया जा सके।
अदालत ने इस मामले में पवन कुमार, रंजीता भसीन, शोभा गुप्ता व डॉ. अतुल थापर के खिलाफ आरोप तय किए हैं। पुलिस ने इन आरोपियों को अपहरण के आरोप में दिसंबर 2010 में गिरफ्तार किया था। अदालत ने यह आदेश अभियोजन की पुनर्विचार याचिका का निपटारा करते हुए दिया है।
पुलिस ने मुखबिरी के आधार पर पवन व रंजीता को शिवाजी विहार इलाके से 19 दिसंबर 2010 को गिरफ्तार किया था। उनके पास उस समय बच्ची भी थी।
दंपति ने दूसरे बच्चों की खरीद फरोख्त के बारे में भी पूछताछ के दौरान बताया था। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने तीन बच्चों को बरामद किया था।