फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Administration bowed down after warning of march to Delhi 123 farmers released

Farmer Protest: दिल्ली कूच की चेतावनी के बाद झुका प्रशासन, 123 किसान किए रिहा, धरने पर फैसला आज

Thu, 05 Dec 2024 01:53 AM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 05 Dec 2024 01:53 AM IST
सार

संयुक्त किसान मोर्चा ने यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर महापंचायत की। मंच से दिल्ली कूच की चेतावनी के बाद प्रशासन झुका। राकेश टिकैत महापंचायत में नहीं पहुंच सके, उन्हें टप्पल में ही रोक दिया गया।

विज्ञापन
Administration bowed down after warning of march to Delhi 123 farmers released
पुलिस ने किसानों को किया रिहा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नोएडा में किसानों की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर महापंचायत हुई। महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत को शामिल होना था। हालांकि उन्हें टप्पल में रोक लिया गया। महापंचायत के मंच से गिरफ्तार किसानों को एक घंटे में रिहा करने की मांग गई। ऐसा नहीं करने पर किसानों ने दिल्ली कूच करने की चेतावनी दी। किसानों से हुई वार्ता के बाद पुलिस और प्रशासन झुक गया। शाम को गिरफ्तार किए गए 123 किसानों को बिना शर्त रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद किसानों ने जीरो प्वाइंट पर धरना जारी रखने का फैसला लिया। बृहस्पतिवार को बैठक कर किसान नोएडा या ग्रेटर नोएडा में धरना शुरू करने का फैसला लेंगे।

विज्ञापन

जिले के किसान 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा, किसानों के हित में हाई पावर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने, नए भूमि अधिग्रहण लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अलग-अलग संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आंदोलन शुरू किया। दो दिसंबर को दिल्ली कूच करने का प्रयास किया था। जहां किसानों को दलित प्रेरणा स्थल पर रोक दिया गया। प्रशासन से वार्ता के बाद किसानों ने दलित प्रेरणा स्थल के अंदर धरना शुरू कर दिया। मंगलवार को पुलिस ने बलपूर्वक धरना समाप्त कराकर 123 किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर महापंचायत बुलाई थी। बुधवार सुबह से ही महापंचायत में किसान पहुंचने लगे। दोपहर 12 से 1 बजे के बीच बड़ी तादाद में किसान वहां पहुंच गए। लेकिन राकेश टिकैत को टप्पल में पुलिस ने रोक दिया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने महापंचायत शुरू की। मंच से गिरफ्तार किसानों को रिहा करने और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को धरना स्थल तक पहुंचने की मांग की।

विज्ञापन

चेतावनी दी कि अगर एक घंटे में मांग पूरी नहीं की तो सभी किसान दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। करीब दो घंटे तक पुलिस और किसानों के बीच वार्ता चली। दोपहर करीब तीन बजे पुलिस-प्रशासन ने गिरफ्तार किसानों को एक घंटे में रिहा करने का आश्वासन दिया। शाम करीब 4 बजे सुखबीर खलीफा, पवन खटाना, सुनील फौजी, विकास जतन भाटी, बॉबी नागर, सुभाष चौधरी, अमन ठाकुर, रुपेश वर्मा समेत 123 किसानों को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद सभी किसानों ने जीरो प्वाइंट पर धरना शुरू कर दिया। इस बीच प्रशासन ने वार्ता की, लेकिन सफल नहीं हो सकी। मोर्चा के प्रवक्ता सुनील फौजी ने बताया कि रात में जीरो प्वाइंट पर धरना जारी रहेगा। बृहस्पतिवार को संयुक्त किसान मोर्चा फिर पंचायत कर धरना स्थल पर फैसला लेगा। धरना जीरो प्वाइंट या दलित प्रेरणा स्थल पर चलेगा। मांग पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा। 

रिहा होने के बाद फूलमाला पहनाकर किया स्वागत
जेल से रिहा होने के बाद सभी किसान धरना स्थल पर पहुंचे। रिहा हुए किसानों को कंधों पर बैठाकर सभी को महापंचायत स्थल पर ले जाया गया। मौके पर फूलमाला पहनाकर सभी का स्वागत किया गया। 

पहली बार महिला किसान ने महापंचायत को किया संबोधित
किसानों का आंदाेलन लंबे समय से चल रहा है। कई बार महापंचायत व पंचायतें भी हुई, लेकिन बुधवार की महापंचायत को महिला किसान बबली शर्मा ने संबोधित किया। अपने संबोधन में बबली ने पुलिस प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक महिलाएं भी आंदोलन में टिकी रहेंगी।

पुलिस बल के साथ डटे रहे अधिकारी
किसानों की महापंचायत को लेकर पुलिस के अफसर अलर्ट रहे। महापंचायत स्थल पर पीएसी, पुलिस बल के साथ कमांडो और स्वाट टीम को तैनात किया गया। अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा व बबलू कुमार, डीसीपी महिला सुरक्षा सुनीति, डीसीपी ग्रेनो साद मियां खान के अलावा यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह, एडीएम अतुल कुमार व मंगलेश दुबे ने मोर्चा संभाले रखा। वहीं किसानों के अलावा अन्य वाहनों को धरना स्थल की तरफ नहीं जाने दिया गया। 

हरियाणा और पंजाब से भी पहुंचे किसान 
महापंचायत में यूपी के अन्य जिलों समेत पंजाब और हरियाणा से भी किसान पहुंचे। बड़ी संख्या में किसानों के आने के कारण कई रास्तों पर यातायात बाधित रहा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर भी लोगों ने अपनी गाड़ियां खड़ी कर दीं। जिससे एक लेन बाधित रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed