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दिल्ली हिंसाः एसीपी अनुज ने बताया, यमुना विहार की ओर नहीं जाते तो भीड़ मार देती

Fri, 06 Mar 2020 06:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली 
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 06 Mar 2020 06:49 AM IST
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ACP Anuj said if we does not go to Yamunavihar then the mob would have kill them
एसीपी से मिलने पहुंचे पुलिस आयुक्त - फोटो : अमर उजाला

नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर चांद बाग इलाके में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान 24 फरवरी को उग्र हुई भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था। इसमें दिल्ली पुलिस के हवलदार रतनलाल की मौत हो गई थी, जबकि शाहदरा पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा व गोकलपुरी एसीपी अनुज कुमार बुरी तरह जख्मी हो गए थे। दिल्ली पुलिस आयुक्त एस.एन श्रीवास्तव ने बुधवार रात अनुज के घर जाकर उनका हाल लिया। 

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अनुज ने बताया कि उस दिन यदि वह रेलिंग पार कर डीसीपी को यमुना विहार की ओर न लाते तो शायद उग्र भीड़ उन्हें मार देती। उन्होंने पहले एक घर में शरण ली। बाद में अस्पताल गए। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने कहा कि दिल्ली पुलिस को ऐसे पुलिस अफसरों पर गर्व है।
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अनुज ने बताया कि 23 फरवरी को चांद बाग में चल रहे प्रदर्शन के दौरान रात को लोगों ने वजीराबाद रोड को बंद कर दिया था। किसी तरह वह मार्ग खुलवा दिया गया। अगले दिन दोबारा सड़क को बंद कर दिया गया। सुबह करीब 11.30 से 12 बजे के बीच पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा और हवलदार रतनलाल समेत करीब 200 पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे। रास्ता खुलवाने की बातचीत चल रही थी।
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 इस दौरान किसी ने अफवाह फैला दी कि पुलिस की गोली से महिलाओं और बच्चों की मौत हो गई है। इसके बाद भीड़ अचानक उग्र हो गई और देखते ही देखते हजारों लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर उन पर पथराव शुरू कर दिया।

लाठी-डंडों से लैस लोग हमला करने लगे। इस बीच रतनलाल, डीसीपी अमित शर्मा व अनुज कुमार जख्मी हो गए। घायल होने के बाद अनुज ने हिम्मत नहीं हारी। वह रतन, अमित शर्मा को वहां से निकालने लगे। अनुज ने बताया कि यदि वह चांदबाग से मजार की ओर जाते तो शायद भीड़ के हाथों मारे जाते, लेकिन उन्होंने चार फुट ऊंची रेलिंग फांदकर यमुना विहार की सर्विस लेने की ओर जाने का फैसला किया। 


इस बीच भीड़ लगातार उनका पीछा कर हमला करती रही। इसके बाद वह सभी को एक मकान में ले गए। रतन के सिर से खून बह रहा था। उसे एक निजी गाड़ी से अस्पताल भेजा गया। अमित शर्मा को पहले नजदीकी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत होने पर उन्हें मैक्स ले जाया गया। इस दौरान घायल अनुज कुमार खुद उनके साथ रहे। हमले के बाद अनुज को इलाज के बाद छुट्टी मिल गई थी। बुधवार शाम अमित शर्मा को भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

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