एक महीने से रची जा रही थी तेजाबी हमले की साजिश
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एक माह पूर्व ही आरोपी डॉ. अशोक यादव ने पीड़िता पर एसिड से हमला करने की योजना बना ली थी। वह पीड़िता को ऐसा सबक सिखाना चाहता था, जिसे वह जिंदगी भर याद रखे। जनवरी में अमृत की शादी होने वाली थी।
इसी वजह से उसने आनन-फानन में अपने दोस्त वैभव के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। पुलिस की मानें तो वैभव ने कुछ समय अशोक के पास काम किया था।
फिलहाल वह एक कॉल सेंटर में काम कर रहा है। वैभव ने अशोक को वारदात का सारा इंतजाम करने का आश्वासन दिया था। वैभव की बात सुनकर आरोपी पूरी तरह से विश्वास में था कि वह इस खतरनाक षडयंत्र को अंजाम दे सकता है।
25 हजार रुपए में तय हुआ था हमले का सौदा
बेहद चालाक अपराधी की तरह अशोक ने वैभव को पूरी योजना बताई। वैभव ने उसे कुछ पेशेवर अपराधियों के बारे में बताया जो रुपये लेकर ऐसी वारदात करते थे। करीब एक माह पूर्व 25 हजार रुपये में सौदा तय हो गया।
अशोक ने बताया कि एक बड़ी सिरिंज (इंजेक्शन) में तेजाब डालकर फेंकना है। किशोरों को लेडी डॉक्टर का घर से अस्पताल तक का रास्ता दिखाया गया। तीन-चार जगहों का चयन किया गया, जहां पर तेजाब डाला जा सकता था। पूरे एक माह तक योजना पर काम चला।
22 दिसंबर की रात को डॉ. अशोक यादव अमृत के साथ उसके फ्लैट पर रुका था। रात को उसने वैभव व किशोरों से अपने फोन पर बात कर सुबह को वारदात को अंजाम देने के लिए कहा।
अशोक ने बताया कि वह स्कूटी पर अमृत को गली के बाहर तक छोड़ने आएगा। सुबह करीब 9.00 बजे अशोक अमृत के साथ स्कूटी पर गली के बाहर तक आया। वहां पहले से खड़े किशोरों को उसने इशारा कर दिया। किशोर राजौरी गार्डन मार्केट में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
नाबालिगों को दी गई थी 15 दिन की ट्रेनिंग
वारदात को अंजाम देने के लिए अशोक ने दोनों नाबालिग आरोपियों को 15 दिन की ट्रेनिंग दी थी। ट्रेनिंग के दौरान उसने बाकायदा रिहर्सल कर अपने ऊपर सिरिंज में पानी भरवाकर डलवाया। इसके लिए बाकायदा अशोक एक स्कूटी लेकर चला।
दोनों नाबालिगों ने चलते हुए बाइक से उसके चेहरे पर पानी से भरी सिरिंज से वारदात की रिहर्सल की थी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वारदात को अंजाम देने की कवायद शुरू की गई।
अशोक ने पीड़िता के अस्पताल आने-जाने के समय की भी पूरी जानकारी दे दी थी। यहां तक एसिड डालकर फरार होने तक के बारे में बताया था। अशोक चाहता था कि वह घटना को इतनी सफाई से अंजाम दे कि किसी को उसके ऊपर शक ना हो।
17 दिसंबर भी हुई थी हमले की कोशिश
सारी तैयारी पूरी करने के बाद अशोक ने दोनों नाबालिगों और वैभव को 17 दिसंबर को वारदात को अंजाम देने का आदेश दिया था, लेकिन संयोग से उस दिन पीड़िता अपने एक अन्य दोस्त के साथ कार में थी। इसी वजह से आरोपी तेजाब डालने में कामयाब नहीं हो पाए। इसके बाद वह लगातार पीड़िता पर एसिड अटैक की फिराक में थे।
लूटपाट दिखाने को झपटा गया था बैग
एसिड अटैक को लूटपाट का मामला दिखाने के लिए अशोक ने दोनों नाबालिगों से पीड़िता का बैग भी लूटने के लिए कहा था। वारदात वाले दिन बाइक चला रहे नाबालिग ने पीड़िता का बैग झपट लिया था।
पीछे बैठे दूसरे नाबालिग ने उस पर सिरिंज से तेजाब डाल दिया था। वारदात के बाद वह मौके से फरार हो गए। अशोक से मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने पहले वैभव को दबोचा। बाद में दोनों नाबालिगों को दबोचा गया।