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फ्लैट में गांजे की खेती: लाइट की रोशनी में उगता था 'माल', एक पौधे पर खर्चा सात हजार, कमाई होती 12 लाख रुपये

Tue, 12 Nov 2024 07:20 PM IST
श्याम जी. माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: श्याम जी. Updated Tue, 12 Nov 2024 07:20 PM IST
सार

ग्रेटर नोएडा के एक फ्लैट में गांजे की खेती मिलने से हड़कंप मच गया है। फ्लैट में उन्नत तकनीक से गांजे की खेती की जा रही थी। पुलिस ने खेती करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने कई सारी हैरान करने वाली बातें बताई हैं।
 

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Accused of cultivating ganja in a flat in Greater Noida arrested
फ्लैट में गांजे की खेती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीटा-2 कोतवाली, इकोटेक-1 कोतवाली पुलिस ने नारकोटिक्स टीम के साथ ऑपरेशन प्रहार के तहत संयुक्त अभियान में मंगलवार को किराये के फ्लैट में अवैध गांजे की खेती करने वाले आरोपी को लोकल इंटेलिजेंस व बीट पुलिसिंग की सहायता से पी-3 गोलचक्कर के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राहुल चौधरी निवासी ग्राम धंजू थाना दौराला, मेरठ के रूप में हुई है। आरोपी वर्तमान में मकान नंबर-1001 टावर नंबर-5 पार्श्वनाथ पनोरमा, निकट पी-3, गोल चक्कर में रह रहा था। 

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आरोपी की निशानदेही पर उसके पार्श्वनाथ पनोरमा सोसाइटी के फ्लैट से गमलों में लगे कैनाबिस के पौधे, 2.070 ग्राम अवैध गांजा, 163.4 ग्राम कब्जे से ओशियन गांजा (ओजी) यानी प्रीमियम गांजा, विभिन्न रसायन, खेती करने में प्रयुक्त खाद, बीज व उपकरण बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धाराओं में बीटा-2 कोतवाली में केस दर्ज करने के बाद में पेश किया जहां से उसे जेल भेजा गया है।
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डीसीपी ग्रेटर नोएडा साद मियां खान ने बताया कि आरोपी ने इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से कैनाबिस के पौधों की खेती करनी सीखी थी। फिर विदेशी वेबसाइट सीड्समैन के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर कर कैनाबिस के बीज को आयात किया गया और पे-पल एप के माध्यम से पैसों का भुगतान किया। कैनाबिस का बीज मिलने के बाद आरोपी ने अपने फ्लैट पार्श्वनाथ पनोरमा सोसाइटी के फ्लैट में एयर कंडीशनर (एसी) की मदद से एक निश्चित तापमान पर फुल स्पेक्ट्रम प्लांट ग्रोइंग लाइट की सहायता से कैनाबिस के बीजों को गमलों में प्रत्यारोपित कर कैनाबिस की फसल तैयार की। 

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एक पौधे पर खर्च करता सात हजार
बीज, खाद, रसायन, कीटनाशक, बिजली आदि की कुल लागत लगाकर एक पौधे पर करीब पांच से सात हजार रुपये का खर्च आता है, जिससे आरोपी को करीब 30 से 40 ग्राम ओजी प्राप्त हो जाता है। इसकी बाजार में कीमत 60 से 80 हजार रुपये के लगभग होती है। आरोपी डार्क वेब के माध्यम से अपने ग्राहकों तक इसकी सप्लाई करता था। आरोपी अपने फ्लैट में कैनाबिस की खेती कर मुनाफा कमाकर अवैध धन अर्जित कर रहा था।

स्कूली छात्रों और कंपनी में काम करने वाले लोगों को करता था सप्लाई
आोपी की शादी हो चुकी है। पत्नी व बच्चे ग्रेटर नोएडा की सुपरटेक सीजार सुइट्स सोसाइटी में रहते हैं। आरोपी ने 20 हजार रुपये में पार्श्वनाथ पनोरमा में चार बीएचके का फ्लैट ले रखा है। आरोपी यहीं पिछले चार माह से अवैध गांजे की खेती अकेले ही फ्लैट पर कर रहा था। आरोपी के रेंट एंग्रीमेंट की भी जांच की जा रही थी। आरोपी यहां पर अकेले खेती के लिए आता जाता था। पड़ोसियों को शक न हो इसलिए आर्गेनिक खेती की बात करता था। आरोपी अब तक करीब 20 पौधे डार्क वेब के माध्यम से अज्ञात लोगों को बेचकर करीब 12 लाख रुपये कमा चुका है। आरोपी ज्यादा स्कूली छात्रों, कंपनी में काम करने वाले लोगों को गांजे की सप्लाई स्थानीय स्तर पर करता था। 

गांजे की खेती को तैयार करने में लगते हैं 100 दिन
आरोपी जिस गांजे की खेती कर रहा था उसे तैयार करने में करीब 100 दिन लग जाते हैं। आरोपी के फ्लैट से मौके से गांजे के तैयार किए गए 80 पौधे गमले सहित बरामद किए गए हैं। आरोपी अवैध गांजे को अगर बेचते तो उसे करीब 48 लाख रुपये मिलने वाले थे। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय से परा स्नातक किया है। आरोपी इंटरनेट का अच्छा जानकार है। आरोपी कोरोना काल से पहले एक रेस्टोरेंट चलाता था, लेकिन उसमें फायदा नहीं होने पर उसे बंद कर दिया। खाली समय में इंटरनेट बेवसाइट, यूट्यूब पर खेती करने का तरीका सीखा था। गांजे की खाती को बचाने के लिए आरोपी ने अमेजन से खास तरह की लाइट मंगवाई थी। इसी तरह खेती के लिए जरूरी तापमान को बरकरार रखने के लिए फ्लैट में एसी लगवाया था।

आरोपी के पास से यह सामान हुआ बरामद
अवैध गांज 2.070 किलोग्राम, 163.4 ग्राम ओजी, नीम्टा 1500 कीटनाशक एक प्लास्टिक की बोतल 500 एमएल, कोहिनूर ह्यूमिक एसिड 18 % एक प्लास्टिक की बोतल 500 एमएस, संपूर्ण तरल उर्वरक एक प्लास्टिक की बोतल 250 एमएल, .पीएचयूपी प्लांट फर्टिलाइजर एक प्लास्टिक की बोतल 500 एमएल, फाइटर प्लास्टिक एक प्लास्टिक की बोतल 250 एमएल, किसान-के ऑर्गेनिक पोटाश एक प्लास्टिक की बोतल 250 एमएल, एन.पी.के. एक प्लास्टिक की बोतल एक लीटर, हाइड्रोजन पेरोक्साइड 3% एक प्लास्टिक की बोतल एक लीटर, नैनो जिंक एक प्लास्टिक की बोतल 250 एमएल, नैनो सीएएल एक प्लास्टिक की बोतल 250 एमएलष। 

नुवान प्लास्टिक दो प्लास्टिक की बोतल 100 एमएल, फास्ट रूट्स ड्राई पाउडर एक प्लास्टिक की डिब्बी 50 ग्राम, .बायोनिक सुपर बायो फर्टिलाइजर प्लास्टिक बैग खुला 2 किलो, मायटस प्लास्टिक बैग खुला तीन किलोग्राम, मृदा कंडीशनर प्लास्टिक बैग खुला दो किलो, नासा जैविक खाद प्लास्टिक बैग खुला 1 किलो, एप्शन सॉल्ट प्लास्टिक बैग खुला 900 ग्राम, स्प्रे बोतल सफेद हरे रंग की, गमलों की नराई व गुड़ाई करने के सात यंत्र लोहे व प्लास्टिक के, वजन तोलने का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सिल्वर कलर की दो,कांच के बने समोकिंग पाइप 22, हुक्का पाइप, एक पांच लीटर की स्प्रे मशीन बरामद हुई है।

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