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एक साल में प्रदूषण ने ली 6 लाख की जान, 39 हजार बच्चे भी शामिल : रिपोर्ट

Fri, 10 Nov 2017 04:43 PM IST
परीक्षित निर्भय /अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय /अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 10 Nov 2017 04:43 PM IST
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according to the reports in one year almost six lakhs people dead due to pollution
दिल्ली प्रदूषण - फोटो : SELF

वायु प्रदूषण को लेकर दुनियाभर के लिए जारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल में प्रदूषण की वजह से देश में 6 लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें करीब 39 हजार बच्चे थें।

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डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, भारत में प्रदूषण की वजह से हृदय से जुड़ी धमनियां बंद (इस्केमिक हार्ट डिजीज) होने के मामले सर्वाधिक देखने को मिल रहे हैं। वैसे हर साल प्रदूषण की वजह से दुनियाभर में 65 लाख मौतें होती हैं। यह विश्व में मौतों के कारणों का 11.6 फीसदी है।
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बीएलके सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा के मुताबिक, मानव शरीर में रक्त का संचार इन्हीं धमनियों से होता है। इनसे रक्त शुद्घ होकर शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचता है। धमनियों में किसी भी तरह की दिक्कत होती है तो इसकी वजह से इंसान मौत की दहलीज पर जाकर खड़ा हो जाता है।
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डब्ल्यूएचओ इंडिया से जुड़े एक विशेषज्ञ के मुताबिक, वर्ष 2012 में प्रदूषण को लेकर स्टडी शुरू की गई थी। इसके परिणाम 2016 तक सामने आए थे। इसी स्टडी के आधार पर प्रदूषण और उससे संबंधित बीमारियों की वजह से होने वाली मौतों का यह आंकड़ा सामने आया है। पिछले एक वर्ष में भारत में प्रदूषण से 6,21,138 लोगों की मौत हुई। इनमें 39,914 बच्चे थे।

12.2 गुना ज्यादा रहा प्रदूषण

according to the reports in one year almost six lakhs people dead due to pollution
smog in delhi - फोटो : अमर उजाला

राष्ट्रीय राजधानी को लेकर बताया गया है कि सालभर में यहां प्रदूषण सामान्य से 12.2 गुना ज्यादा रहा है। दिल्ली का वार्षिक प्रदूषण औसतन 122 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक घनमीटर रहा, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है। इसके बाद सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर लखनऊ है। यहां वार्षिक प्रदूषण का स्तर सामान्य से 11.3 गुना ज्यादा दर्ज किया गया। यहां 113 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक घनमीटर प्रदूषण का स्तर मापा गया है। डब्ल्यूएचओ ने वायु प्रदूषण की वजह से बिगड़ते हालात पर गंभीर चिंता जताई है। 

प्रदूषण से बढ़ीं बीमारियां, 2 करोड़ हुए मरीज 
प्रदूषण की वजह से पिछले पांच वर्ष में बढ़ी बीमारियों को लेकर भी डब्ल्यूएचओ ने चिंता जताई है। संगठन के अनुसार, भारत में प्रदूषण की वजह से कई बीमारियां बढ़ गई हैं। इनसे अब तक 2 करोड़ 5 लाख से भी ज्यादा मरीज दर्ज किए गए हैं। पाकिस्तान में यह संख्या 2 करोड़ चार लाख, नाईजीरिया में 28 लाख है। भारत से ऊपर चीन 2 करोड़ 36 लाख और रूस में 32 लाख लोग बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। 

एक नजर महानगरों पर
शहर वार्षिक प्रदूषण 
दिल्ली 122 
लखनऊ 113 
भोपाल 93 
फरीदाबाद 92 
मुंबई 63 
चंडीगढ़ 59 
नागपुर 55 
चेन्नई 44 
शिमला 31
(सभी आंकड़े माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक घनमीटर में, 10 को सामान्य स्तर माना जाता है।)

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